
पौड़ी गढ़वाल के सतपुली क्षेत्र में निर्माणाधीन झील परियोजना को प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल करते हुए कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि झील के निर्माण से पर्यटन, रोजगार, सिंचाई, पेयजल और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
शनिवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर राजकीय कन्या विद्यालय परिसर, सतपुली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर का शुभारंभ करते हुए महाराज ने परियोजना की प्रगति और क्षेत्रीय विकास योजनाओं की जानकारी दी।
सतपुली बनेगा नया पर्यटन केंद्र
सतपाल महाराज ने बताया कि नयार नदी पर लगभग 56.35 करोड़ रुपये की लागत से झील निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद सतपुली एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि झील के आसपास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
महाराज ने कहा कि झील में बोटिंग, कयाकिंग और एंगलिंग जैसी साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियां शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ते हुए क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है।
सिंचाई, पेयजल और भू-जल स्तर में होगा सुधार
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि झील परियोजना का लाभ केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ेगी। नयार नदी के जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से बरसात के दौरान बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को भी कम करने में मदद मिलेगी।
चौबट्टाखाल में तेजी से हो रहा विकास
सतपाल महाराज ने कहा कि चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। गुमखाल से सतपुली तक लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है।
इसके अलावा 47.70 करोड़ रुपये की लागत से गुजरखण्ड पम्पिंग पेयजल योजना और सतपुली नगरीय पम्पिंग योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे 40 से अधिक गांवों और पूरे नगर क्षेत्र को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
सड़क, भवन और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार
उन्होंने बताया कि 22.39 करोड़ रुपये की लागत से चार नए मोटर मार्ग स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 12.58 करोड़ रुपये की लागत से 26 किलोमीटर लंबाई वाले आठ मोटर मार्गों का निर्माण और डामरीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है।
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्यटन आवास गृह, कार पार्किंग और रैन बसेरे के निर्माण हेतु 8.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही निरीक्षण भवन और डॉर्मेटरी निर्माण के लिए 2.47 करोड़ रुपये तथा नगर पंचायत कार्यालय भवन के लिए 1.61 करोड़ रुपये की लागत से कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
बहुउद्देशीय शिविर में सुनी गईं जन समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान आयोजित जन सुनवाई शिविर में लोगों की समस्याओं और मांगों को भी सुना गया। शिविर में चार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिकायत काउंटर पर कुल 42 शिकायतें और 91 मांग पत्र प्राप्त हुए, जिनके शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए।
विभिन्न विभागों के स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र
बहुउद्देशीय शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, विद्युत और जल संस्थान सहित कई विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। शिविर में लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराए गए।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति विभाग और स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गढ़वाली लोकगीतों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का विशेष मनोरंजन किया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पूर्व मंत्री अमृता रावत, सतपुली नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, ब्लॉक प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, ब्लॉक प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



