
देहरादून। सोशल ब्लू फ्रंट के संस्थापक कार्तिक टम्टा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में व्याप्त विभिन्न समस्याओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
शिक्षकों की नियुक्ति और मूलभूत सुविधाओं पर दिया जोर
ज्ञापन में प्राथमिक विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और विद्यालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया है।
कंप्यूटर शिक्षा और स्कूल बस सुविधा की मांग
कार्तिक टम्टा ने दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल बस सेवा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देने, विद्यालयों में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित करने तथा डिग्रीधारी कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया।
अभिभावकों को मिले माध्यम चुनने की स्वतंत्रता
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि अभिभावकों को अपनी सुविधा और बच्चों की आवश्यकता के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी माध्यम का चयन करने की स्वतंत्रता दी जाए। इसके अलावा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शीघ्र कार्रवाई की अपील
कार्तिक टम्टा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए ज्ञापन में उठाई गई सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाए।



