
रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी के निर्देशानुसार ‘दा ऑक्सफ़ोर्ड अकादमी’ रुद्रपुर में एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, और बाल उत्पीड़न से बचाव के प्रति जागरूक, सजग और सशक्त बनाना था।
बाल अधिकार और POCSO एक्ट की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी ने विद्यार्थियों को बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों, उनसे बचाव के तरीकों और POCSO (पोक्सो) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को समझाया कि किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित विभागों को सूचित करें।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों से कराया अवगत
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बच्चों को किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया:
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चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
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पुलिस हेल्पलाइन: 112
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महिला हेल्पलाइन: 181
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साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930
‘गुड टच-बैड टच’ और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा
अभियान के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर संवेदनशील और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई:
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सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श (Good Touch & Bad Touch) की पहचान।
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बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अधिकार।
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नशे का स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव और इससे बचाव व रोकथाम के प्रभावी उपाय।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति
इस जागरूकता अभियान में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर बच्चों का मार्गदर्शन किया:
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बाल कल्याण समिति: सदस्य श्रीमती चंद्रकला रॉय
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चाइल्ड हेल्पलाइन: समन्वयक चांदनी रावत
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बाल विकास विभाग (वन स्टॉप सेंटर): चंचल बाला
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स्वास्थ्य विभाग: डॉ. श्वेता दीक्षित
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दस्तावेज़ अधिकारी: आराध्या श्रीवास्तव
विद्यालय परिवार का मिला पूर्ण सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में ‘दा ऑक्सफ़ोर्ड अकादमी’ के प्रधानाचार्य के. एस. नेगी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से बच्चों को एक सुरक्षित और जागरूक माहौल प्रदान करने का संकल्प लिया।



