
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय, गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को भी प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने इस वर्ष की केदारनाथ एवं चारधाम यात्रा के सफल संचालन और श्रद्धालुओं के लिए की गई बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
विधायक ने कहा कि राज्य सरकार की सतत निगरानी, बेहतर प्रबंधन और प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिला है।
बुग्याल संरक्षण और स्थानीय हितों पर हुई चर्चा
विधायक भूपाल राम टम्टा ने बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय हितों को प्राथमिकता देने और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन एवं आजीविका के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बुग्याल उत्तराखंड की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनसे स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनके संरक्षण के साथ स्थानीय हितों का ध्यान रखना आवश्यक है।
संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास है। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है तथा प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील बनाना है।
अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सचिव विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।



