
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के आदर्श अध्ययन केंद्र, हल्द्वानी (16000) द्वारा जनवरी 2026 सत्र के नवप्रवेशित शिक्षार्थियों के लिए ‘दीक्षारंभ’ (Induction Program) का गरिमामयी आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को दूरस्थ शिक्षा प्रणाली (ODL), उपलब्ध सुविधाओं और विश्वविद्यालय की नीतियों से गहनता से परिचित कराना था।
औपचारिक शुभारंभ और विद्वानों का संबोधन
कार्यक्रम का आरंभ कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी एवं अन्य वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन और कुलगीत के साथ हुआ। समन्वयक डॉ. विशाल शर्मा ने स्वागत भाषण के माध्यम से विश्वविद्यालय की महत्ता पर प्रकाश डाला।

विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया:
-
अकादमिक एवं पाठ्य सामग्री: प्रो. पी.डी. पंत ने अकादमिक गतिविधियों और MPDD विभाग की कार्यप्रणाली समझाई।
-
दूरस्थ शिक्षा की विशेषताएँ: प्रो. रेनू प्रकाश और प्रो. गिरिजा पांडे ने ODL प्रणाली की बारीकियों और अध्ययन केंद्रों की भूमिका पर चर्चा की।
-
परीक्षा एवं तकनीक: डॉ. सुमित प्रसाद ने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और प्रो. जितेन्द्र पांडे ने MOOCs व कौशल विकास के महत्व को रेखांकित किया।
-
प्रायोगिक ज्ञान: डॉ. राजेश मठपाल ने छात्रों को प्रायोगिक शिक्षण की आवश्यकताओं से अवगत कराया।
कुलपति का आह्वान: डिजिटल प्लेटफॉर्म और कौशल विकास पर जोर
अपने समापन संबोधन में कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने छात्रों को आधुनिक संसाधनों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
-
डिजिटल टूल्स: डिजीलॉकर और ‘हेलो हल्द्वानी’ FM रेडियो का प्रभावी उपयोग।
-
छात्र सहायता: छात्रवृत्ति योजनाओं और स्व-अध्ययन सामग्री (SLM) का अधिकतम लाभ उठाना।
-
करियर मार्गदर्शन: काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से समय प्रबंधन और तनाव मुक्ति के गुर सीखना।
विशेष आकर्षण: पुस्तक मेला और उपस्थिति
परिसर में आयोजित पुस्तक मेला कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसने विद्यार्थियों में पठन-पाठन के प्रति उत्साह जगाया। कार्यक्रम में लगभग 110 से अधिक प्रतिभागियों ने शिरकत की। डॉ. मनीषा पंत के कुशल संचालन और डॉ. विनय सिंह रावत के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रो. गगन सिंह, प्रो. आशुतोष भट्ट और डॉ. प्रदीप पंत सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।



