उत्तर प्रदेशराज्य

शिवपाल की जगह अखिलेश बने लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष, 9 साल बाद फैसला क्यों?

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष बन गए हैं. अब तक उनके चाचा शिवपाल यादव के हाथों में इसकी कमान थी. बीते 10 सालों से वह इसके मुखिया बने हुए थे, लेकिन अब अखिलेश यादव का इस पर नियंत्रण होगा. समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों के बीच लोहिया ट्रस्ट बड़ा अहम रहा है. ऐसे में उसकी सत्ता हाथ में आना अखिलेश यादव के लिए अहम है. शिवपाल सिंह यादव 2017 से लगातार इस ट्रस्ट की कमान संभाल रहे थे. कुछ दिन पहले ट्रस्ट की बैठक में ये फैसला लिया गया कि अब अखिलेश यादव को इस ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जाए. इस पर शिवपाल यादव समेत सभी लोगों ने अपनी सहमति जताई थी.

सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट के सभी 8 सदस्यों ने अपनी स्वीकृति प्रदान की, जिसमे शिवपाल यादव भी शामिल थे. अब अखिलेश यादव के पास पार्टी के साथ ही लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर ट्रस्ट की भी पूरी कमान है. 2017 में परिवार में हुए विवाद के दौरान मुलायम सिंह यादव ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव को हटाकर शिवपाल यादव को इस ट्रस्ट की जिम्मेदारी दी थी.  लोहिया ट्रस्ट का गठन समाजवादी पार्टी के स्थापना से भी पहले हुआ था. ऐसे में इसका सपा की विरासत में बड़ा अहम स्थान रहा है. समाजवादी विचारधारा का प्रचार प्रसार करना और पार्टी के लिए फंड इक्कठा करना भी है.

इस बदलाव को लेकर यूपी के सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है. इससे पहले अखिलेश यादव के हाथ जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ चुकी है. ऐसे में अखिलेश यादव के लिए यह अहम है. साफ है कि उनका सपा के अलावा उससे जुड़े ट्रस्टों पर भी पूरा नियंत्रण हो गया है. इस तरह अखिलेश यादव ने सपा से जुड़ी विरासत को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है. बता दें कि 2017 में सपा के अंदर बड़ी पारिवारिक कलह हुई थी. तब मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच भी गहरे मतभेद उभरे थे. एक मंच पर तो अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच सार्वजनिक तौर पर तीखी बहस हो गई थी.

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