
देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सीएम हेल्पलाइन 1905’ पर प्राप्त जन-शिकायतों के वास्तविक, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान के कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पोर्टल पर निस्तारण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्या का धरातल पर समाधान होना अनिवार्य है।
प्रमुख निर्देश और रणनीतिक फैसले
1. शिकायतों का समयबद्ध व स्थायी निस्तारण
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बार-बार आने वाली समान शिकायतों का विश्लेषण कर उनके स्थायी समाधान के कदम उठाए जाएं।
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जिस जिले में विशेष प्रकृति की शिकायतें अधिक हैं, वहां जिलाधिकारी विभागवार समीक्षा करें।
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शिकायतों को बिना ठोस कारण के ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ करने पर सख्त पाबंदी रहेगी। शिकायत बंद करने से पहले आवेदक की संतुष्टि जरूरी है।
2. 30 व 180 दिनों से लंबित मामलों पर सख्ती
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30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाएगी।
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180 दिन से अधिक पुराने लंबित मामलों के कारणों की गहन जांच कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
3. राजस्व और तहसील प्रशासन का औचक निरीक्षण
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सभी जिलाधिकारी तहसीलों का औचक निरीक्षण करेंगे।
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दाखिल-खारिज और भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के समयबद्ध निस्तारण की जांच की जाएगी, ताकि आमजन को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।
4. स्वच्छ पेयजल आपूर्ति व इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट
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पेयजल आपूर्ति, लीकेज और सीवर से जुड़ी शिकायतों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी।
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पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिनों के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
5. जवाबदेही और प्रोत्साहन (Appreciation & Accountability)
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बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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अनावश्यक विलंब और लापरवाही करने वाले कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री द्वारा शिकायतकर्ताओं से सीधी टेलीफोनिक बातचीत
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे जनता से संवाद कर निस्तारण की जमीनी हकीकत जानी:
| शिकायतकर्ता | जिला | समस्या का विषय | मुख्यमंत्री द्वारा जारी निर्देश |
| संजय कुमार रावत | – | दिवंगत पिता के चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) बिलों का अटका भुगतान | अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश। |
| बेबी कोटनाला | पौड़ी गढ़वाल | परित्यक्ता पेंशन में हो रहा अत्यधिक विलंब | जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण का तत्काल निस्तारण करने का आदेश। |
| गीता | हरिद्वार | पानी की टंकी बनने के 3 माह बाद भी पेयजल आपूर्ति शुरू न होना | सीडीओ हरिद्वार को मौके का निरीक्षण कर तुरंत पेयजल आपूर्ति शुरू कराने के निर्देश। |
| आयुष बिष्ट | अल्मोड़ा | छात्रवृत्ति मिलने में देरी | समस्या समाधान की पुष्टि की गई; साथ ही देरी के कारणों की जांच के आदेश। |
| शिल्पी सक्सेना | देहरादून | स्ट्रीट लाइट लगाने में विलंब | समयबद्ध समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। |
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
समीक्षा बैठक में शासन एवं पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी मौजूद रहे:
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प्रमुख सचिव: आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम
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सचिव: शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पांडेय
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पुलिस महानिदेशक (DGP): दीपम सेठ
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प्रमुख वन संरक्षक (HoFF): कपिल लाल
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इसके अलावा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) सम्मिलित हुए।



