
विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दिवेश शासनी की अध्यक्षता में ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम की रूपरेखा एवं समीक्षा की मुख्य बातें
1. RBSK कार्यक्रम की जानकारी (CMO द्वारा):
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. गोस्वामी ने बताया कि जिले के प्रत्येक ब्लॉक में RBSK की टीमें तैनात हैं।
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ये टीमें 0 से 18 वर्ष तक के आंगनवाड़ी और स्कूलों में पंजीकृत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं।
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परीक्षण के दौरान गंभीर बीमारियों से ग्रसित पाए जाने वाले बच्चों को अनुबंधित अस्पतालों में रेफर कर उनका मुफ़्त इलाज कराया जाता है।
2. मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के प्रमुख निर्देश:
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विभागों में समन्वय: स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभाग ब्लॉक स्तर पर आपस में समन्वय बनाकर अनिवार्य रूप से मासिक बैठक आयोजित करें।
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पूर्ण फॉलोअप: जिन बच्चों का इलाज चल रहा है, जब तक उनका उपचार पूरा नहीं हो जाता, तब तक उनका लगातार फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
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मासिक रिपोर्टिंग: ‘क्वालिटी कार्यक्रम’ के तहत संबंधित कर्मचारी अपने कार्यों की मासिक रिपोर्ट तैयार कर CDO कार्यालय को अवगत कराएं।
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स्वच्छता और HPV टीकाकरण:
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बच्चों को शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए।
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HPV वैक्सीन टीकाकरण में RBSK टीमों का सहयोग लिया जाए और समुदाय स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
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बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग: डॉ. एस.के. गोस्वामी (CMO), डॉ. डी.पी. सिंह (ACMO), डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. श्वेता।
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अन्य विभागीय प्रतिनिधि: जिला शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ (CDPO)।
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अन्य उपस्थित सदस्य: हिमांशु मस्यूनी, डी.एस. भंडारी, प्रदीप महर, पूरन मल, जावेद अहमद, नंदलाल, प्रदीप पाठक आदि।


