
नई दिल्ली. आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में 25 जनवरी से सुपर सिक्स से मुकाबले शुरू हो जाएंगे. पाकिस्तान की चालबाजी की वजह से स्कॉटलैंड की टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. जिम्बाब्वे के खिलाफ शुक्रवार (22 जनवरी) को हरारे के ताकाशिंगा स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मैच में जो हुआ वो हैरान करने वाला था. इस मैच में पाकिस्तान ने रन चेज के दौरान जानबूझकर अपनी रफ्तार धीमी कर दी ताकि उनका नेट रन रेट (NRR) बेहतर हो सके. पाकिस्तान ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया और 181 गेंद रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया. इसके साथ ही उसने अपने ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल कर सुपर सिक्स के लिए क्वालीफाई कर लिया. जिम्बाब्वे को तीसरा स्थान मिला और स्कॉटलैंड की टीम क्वालीफाई नहीं कर पाई.
अगर पाकिस्तान 26वें ओवर में 129 रन का लक्ष्य हासिल कर लेता, तो स्कॉटलैंड क्वालीफाई कर जाता. लेकिन पाकिस्तान ने 27वें ओवर में चेज पूरा किया, जिससे जिम्बाब्वे का नेट रन रेट (NRR) यूरोपीय देश स्कॉटलैंड से थोड़ा आगे निकल गया और जिम्बाब्वे को ग्रुप में तीसरा स्थान मिल गया.
पाकिस्तान ने रन रेट क्यों धीमा किया ?
यह साफ तौर पर पाकिस्तान की रणनीति थी कि उन्होंने जानबूझकर रन चेज धीमा किया ताकि उनका NRR बेहतर हो और जिम्बाब्वे क्वालीफाई कर जाए, जबकि स्कॉटलैंड बाहर हो जाए. 16वें से 25वें ओवर के बीच एशियाई चैंपियंस ने 50 डॉट बॉल खेलीं. 16वें ओवर के बाद फरहान यूसुफ की कप्तानी वाली टीम के खाते में 96 रन थे और अगले 10 ओवर में सिर्फ 27 रन ही बने. अब क्रिकेट फैंस के मन में सवाल उठ सकता है कि पाकिस्तान ने रन चेज धीमा करके NRR में कैसे फायदा पाया. आमतौर पर माना जाता है कि जो टीमें बड़े अंतर से जीतती हैं, उनका रन रेट बेहतर होता है.
पाकिस्तान को रन चेज धीमा करने से क्या फायदा?
असल में पाकिस्तान का मकसद यह था कि स्कॉटलैंड बाहर हो जाए और जिम्बाब्वे क्वालीफाई कर जाए. इसकी वजह यह है कि ग्रुप स्टेज के पॉइंट्स और NRR सुपर सिक्स राउंड में भी साथ जाते हैं. लेकिन इसमें एक शर्त है कि दूसरे राउंड के लिए सिर्फ उन्हीं टीमों के खिलाफ का NRR जोड़ा जाएगा, जो ग्रुप से क्वालीफाई करती हैं. इसलिए पाकिस्तान के इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ के आंकड़े ही जुड़ेंगे.
पाकिस्तान ने स्कॉटलैंड के खिलाफ लक्ष्य 6.5 ओवर बाकी रहते हासिल किया था, जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ 23.5 ओवर बाकी रहते जीत दर्ज की. 2006 के चैंपियन पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को बड़े अंतर से हराया, जिससे उनका NRR अब काफी बेहतर हो गया, जो स्कॉटलैंड के क्वालीफाई करने पर नहीं होता. इंग्लैंड को भी इसका नुकसान हुआ, क्योंकि अब वे स्कॉटलैंड के खिलाफ 252 रन की बड़ी जीत का फायदा सुपर सिक्स में नहीं ले पाएंगे. हालांकि, इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे को भी 22 ओवर बाकी रहते हरा दिया था.



