
रुद्रपुर। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में नियम 377 के तहत उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के लिए विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्लोबल वार्मिंग से बढ़ रही आपदाओं की तीव्रता
सांसद अजय भट्ट ने सदन में कहा कि उनका संसदीय क्षेत्र चारों ओर से पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव के कारण अब मार्च और अप्रैल माह से ही भारी बारिश एवं बादल फटने जैसी घटनाएं सामने आने लगी हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान इन प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता और अधिक बढ़ जाती है, जिससे पूरे उत्तराखंड में जान-माल का व्यापक नुकसान हो रहा है।
सड़क, पुल और कृषि क्षेत्र को हो रहा भारी नुकसान
उन्होंने कहा कि आपदाओं के कारण प्रदेश में सड़कें, पुल, खेत-खलिहान और तैयार फसलें प्रभावित होती हैं। इससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके साथ ही सरकार की ओर से संचालित विकास योजनाएं भी प्रभावित होकर धीमी गति से आगे बढ़ती हैं।
पुनर्वास और विकास कार्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग
सांसद अजय भट्ट ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि उत्तराखंड में प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान होने वाले नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार को विशेष राहत एवं पुनर्निर्माण पैकेज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।



