
उत्तराखंड किसान आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी ने भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूँ की सरकारी खरीद को सुगम बनाने के लिए पोर्टल की तकनीकी सीमाओं को समाप्त कर दिया है।
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तकनीकी सुधार: पूर्व में पोर्टल की क्षमता मात्र 10,000 कुंतल थी, जिसे अब बढ़ाकर 5,00,000 कुंतल कर दिया गया है।
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सीधा लाभ: इस निर्णय से तराई क्षेत्र के हजारों किसान अब बिना किसी बाधा के ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच सकेंगे।
बिचौलियों से मुक्ति और आर्थिक सशक्तिकरण
उपाध्यक्ष नामधारी ने स्पष्ट किया कि पोर्टल की क्षमता बढ़ने से छोटे और मंझोले किसानों को सबसे अधिक लाभ होगा। अब उन्हें अपनी मेहनत की फसल बिचौलियों को कम दामों पर बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। सरकार का यह कदम किसानों के सीधे आर्थिक सशक्तिकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाला है।
खाद और उर्वरक की आपूर्ति: केंद्र सरकार का आश्वासन
क्षेत्र में खाद और उर्वरक की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं पर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है:
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प्राथमिकता पर कार्य: केंद्र सरकार उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है।
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समयबद्ध आपूर्ति: उपाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि आगामी कृषि कार्यों के लिए प्रत्येक किसान को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।
संगठन की मजबूती और योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन
प्रेस वार्ता से पूर्व किसान आयोग के उपाध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक गहन समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और संगठन की जड़ों को और मजबूत करना था।
प्रेस वार्ता में मुख्य उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान जिला महामंत्री तरुण दत्ता, प्रदेश मंत्री (किसान मोर्चा) धीरेन्द्र मिश्रा, जिलाध्यक्ष राजेश बजाज सहित मण्डल अध्यक्ष अरुण दीक्षित, जिला मंत्री मोर सिंह और मीडिया संयोजक विजय तोमर जैसे प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।



