
सितारगंज में होला महल्ला पर्व की धूमधाम के बीच गुरुद्वारा बाबा मनोहर सिंह शहीद सिंघा से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। गुरुग्रंथ साहिब की छत्र छाया में और पंच प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन का संगत ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। नगर कीर्तन का समापन गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में अरदास के साथ हुआ।

नगर कीर्तन की यात्रा और मार्ग
बुधवार को गुरुद्वारा बाबा मनोहर सिंह पिपलिया नाथू से संत बाबा अवतार सिंह की देखरेख में नगर कीर्तन की शुरुआत हुई। यह यात्रा विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरी, जिनमें आगरा गुरुद्वारा, तिरंगा चौक, किच्छा मार्ग, मुख्य चौक, खटीमा रोड, बघौरा गुरुद्वारा, सिसईखेड़ा और बिडौरा मझोला शामिल थे। हर जगह संगत ने पुष्पवर्षा कर कीर्तन का स्वागत किया।
संगत और धार्मिक उत्साह
नगर कीर्तन में संगत ने गुरुग्रंथ साहिब की पालकी में मत्था टेका और प्रार्थना की। पंथ के धार्मिक जत्थे और कथावाचक गुरु की महिमा का गुणगान करते रहे। इस दौरान गुरु इतिहास, वीर परंपरा और गुरमत विचारों की जानकारी संगत को प्रेरित करती रही।

पारंपरिक वेशभूषा और करतब
नगर कीर्तन में निहंग सिंह पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे। हाथी और घोड़ों पर सवार ये वीर निडरता से दौड़ते और दो घोड़ों पर एक साथ खड़े होने जैसे हैरतअंगेज करतब दिखाते रहे। पूरा माहौल ‘बोलै सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों और शबद कीर्तन से गूंजता रहा।
स्वागत और प्रमुख उपस्थितियाँ
सितारगंज पहुँचने पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह, कांग्रेस प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, किसान नेता गुरसाहब सिंह, गुरुद्वारा सिंहसभा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष दलबीर बल, कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह बेदी, कुलदीप सिंह, जसवीर सिंह और सौरभ अरोरा ने संगत का भव्य स्वागत किया। नगर कीर्तन में जत्थेदार बाबा कुलदीप सिंह, गुरवीर सिंह, परमजीत सिंह और इन्द्रजीत सिंह भी उपस्थित रहे।



