उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड में विकास की नई उड़ान: डबल इंजन सरकार का प्रभाव

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते चार वर्षों में विकास की एक नई मिसाल कायम की है। “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा ने राज्य में प्रगति को तेज़ रफ्तार दी है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है।

समन्वित प्रयासों से तेज़ी से बढ़ता विकास

केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है कि वर्तमान में उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य जारी है। यह निवेश राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार

प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना ने तीर्थयात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया है, वहीं दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे ने आवागमन को एक नई दिशा प्रदान की है।

इसके अतिरिक्त सितारगंज-टनकपुर, पांवटा साहिब-देहरादून, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-हल्द्वानी बाईपास और रुद्रपुर बाईपास जैसे सड़क परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति कर रही हैं, जो राज्य के भीतर और बाहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बना रही हैं।

रेल सेवाओं का विस्तार

रेल क्षेत्र में भी उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना जल्द ही पूर्णता की ओर है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।

राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा।

हवाई सेवाओं में बढ़ोतरी

हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया गया है। उड़ान योजना के तहत 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।

गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी और पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़कर दूरस्थ इलाकों तक पहुंच को आसान बनाया गया है।

रोपवे परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा

पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत राज्य में रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। रानीबाग-नैनीताल, हरकी पौड़ी-चंडी देवी, ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव और औली-गौरसों जैसे प्रमुख रूट्स पर कार्य जारी है।

इसके अलावा गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं भी जल्द शुरू होने वाली हैं, जो धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा देंगी।

धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास

धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का व्यापक विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

जल संसाधन और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार

राज्य में जमरानी, सौंग और लखवाड़ बांध परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जबकि किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है।

शिक्षा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

शिक्षा के क्षेत्र में 226 विद्यालयों को पीएम श्री स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

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