
देहरादून के बल्लूपुर क्षेत्र में पुरानी टिहरी के स्थापना दिवस के अवसर पर टिहरी की ऐतिहासिक अनुकृति पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पुरानी टिहरी के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को भावपूर्ण स्मरण किया।
स्मृति और भावनाओं का संगम
कार्यक्रम स्थल पर सुबोध बहुगुणा द्वारा निर्मित “पुरानी टिहरी के लैंडस्केप” में घंटाघर, राजा का दरबार, आज़ाद मैदान, बस अड्डा, टिहरी बाजार, गंगा और भगीरथी नदी की हूबहू प्रतिकृतियों पर दीप प्रज्वलित किए गए। यह दृश्य झील में डूब चुकी पुरानी टिहरी की जीवंत स्मृति के रूप में उपस्थित जनसमूह के लिए अत्यंत भावनात्मक क्षण बन गया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने याद किया टिहरी का गौरव
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर ने कहा कि पुरानी टिहरी गढ़वाल रियासत की ऐतिहासिक राजधानी रही है और गढ़वाल क्षेत्र की संस्कृति, सभ्यता एवं परंपराओं का प्रमुख केंद्र रही। उन्होंने कहा कि राजशाही काल से ही टिहरी ने गढ़वाल की सांस्कृतिक पहचान को दिशा दी।
अभिनव थापर ने देश के विकास के लिए अपनी जन्मभूमि का त्याग करने वाले टिहरीवासियों के योगदान को नमन करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक टिहरी की संस्कृति, इतिहास और पहचान को सुरक्षित रखने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में शामिल गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम में कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर, सुबोध बहुगुणा, भजनलाल सेमवाल, विनोद बहुगुणा, शिव प्रसाद, महेश, पवन चंडोक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



