विदेशी बैंक JPMorgan भारत में फिर से विस्तार की ओर, पुणे में होगी चौथी शाखा

दुनिया के बड़े वॉल स्ट्रीट बैंकों में से एक जेपी मॉर्गन चेज एंड कंपनी लगभग एक दशक (10 साल) के बाद भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने जा रही है। बैंक देश में अब एक नई ब्रांच खोलने जा रहा है। यह कदम इस बात का संकेत है कि JPMorgan तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में ज्यादा एक्टिव होना चाहता है। सूत्रों के अनुसार, इस अमेरिकी बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक से पुणे में अपनी चौथी ब्रांच स्थापित करने के लिए मंजूरी मिल गई है।
नई ब्रांच मुख्य रूप से कॉर्पोरेट ग्राहकों की सर्विस देगी और लेन-देन बैंकिंग से लेकर टर्म लेंडिंग तक सभी प्रकार की फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइड करेगी। JPMorgan के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि फर्म को नियामक से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। हालांकि, RBI की ओर से इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।
विदेशी बैंकों की भारत में रुचि
विदेशी बैंक अब भारत में अपने काम को बढ़ाने की तरफ अट्रैक्ट हो रहे हैं। इसका कारण है देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, कंपनियों की क्रेडिट यानी उधार की बढ़ती जरूरत और कॉर्पोरेट सेक्टर में एक्टिविटी। ये सभी चीजें बैंकों के लिए भारत को एक अट्रैक्टिव मार्केट बनाती हैं।
JPMorgan का भारत में कारोबार बढ़ाने का कदम
इससे पहले JPMorgan को भारत में ब्रांच खोलने की अंतिम मंजूरी 2016 में मिली थी। उस समय बैंक को तीन स्थानों पर ब्रांच खोलने की अनुमति दी गई थी। अब लगभग एक दशक बाद, बैंक फिर से भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। JPMorgan ने तब से भारत में अपने बैंकिंग काम को बढ़ाया है। अब यह मीडियम साइज की कंपनियों को बैंकिंग सर्विस दे रहा है। इसके साथ ही, फर्म ने भारत में एक नया ऑफिस/कैंपस भी खोला है। न्यूयॉर्क में स्थित यह कंपनी भारत में सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि एसेट मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग जैसी कई फाइनेंशियल सर्विसेज भी प्रोवाइड करती है।


