महंगाई का झटका… आज से 19 किलो कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी, 993 रुपये महंगा

ईरान और अमेरिका के बीच जंग और इससे बढ़ते बैश्विक ऊर्जा तनाव के बीच भारत ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी 1 मई, 2026 से लागू होगी, जिससे कीमत में 993 रुपये का इजाफा होगा.
कीमतों में यह बदलाव 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों पर लागू होती है, जिनका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों द्वारा किया जाता है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को इस तत्काल प्रभाव से छूट दी गई है.
रेट में हुए इस बदलाव के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,071.50 हो गई है, जो हाल के सालों में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक है. कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते की गई है क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है.
महंगाई की मार से आम परिवारों को राहत
कमर्शियल ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी भी 913 रुपये बनी हुई है, जिससे उन लाखों परिवारों को राहत मिली है जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं. LPG का यह प्राइस हाइक पिछले दो महीनों में हुई लगातार बढ़ोतरी की एक कड़ी का हिस्सा है.
इस साल मार्च से कमर्शियल LPG की दरें कई बार बदली गई हैं. इससे पता चलता है कि भारत इन दिनों सप्लाई में आई रुकावट और आयात पर बढ़े हुए खर्च का दबाव झेल रहा है. LPG के आयात पर बहुत अधिक निर्भर भारत होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रहा है क्योंकि यह ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट का एक अहम रास्ता है.
घरेलू LPG की कीमत में बदलाव
घरेलू गैस की कीमतों में इस साल सबसे पहले मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इसके चलते दिल्ली में इसकी कीमतें 853 रुपये से बढ़कर सीधे 913 रुपये हो गई थी. मई के महीने में कीमतों को यथावत रखा गया.
कमर्शियल सिलेंडर के कब-कब बढ़ाए गए रेट्स?
| तिथि | बढ़ोतरी | अपडेटेड कीमत (दिल्ली में ) | वजह |
| 1 मई | 993 रुपये | 3,071 .50 रुपये | वैश्विक तनाव और सप्लाई में आ रहीं रुकावटें |
| 1 अप्रैल | 196-218 रुपये | 2,078.50 रुपये | मेट्रो शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी |
| 7 मार्च | 114.50 रुपये | 1,768.50 रुपये | वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच महीने में दूसरी बढ़ोतरी |
| 1 मार्च | 28-31 रुपये | 1,740.50 रुपये | अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण |
| 1 फरवरी | 49 रुपये | 1,691.50 रुपये | बजट सेशन से पहले मामूली इजाफा |
| 1 जनवरी | 111 रुपये | 1,580.50 रुपये | नए साल की शुरुआत में कीमतों में इजाफा |


