उत्तर प्रदेशराज्य

PM मोदी से दिल्ली मिलने पहुंचे CM योगी, विभिन्न मुद्दों पर की गहन चर्चा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली में हैं. यहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से हो सकती है. माना जा रहा है कि इन मुलाकातों में कुछ अहम फैसलों पर बीजेपी आलाकमान की मुहर लग सकती है. सीएम योगी के अलावा यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी दिल्ली में हैं. उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात भी की है.

उधर, सीएम योगी के दौरे के संदर्भ में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय मुलाकातों में भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई में नेताओं को नई जिम्मेदारी दिए जाने, उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट विस्तार के फैसलों पर मुहर लग सकती है. इसके साथ ही सीएम, प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें प्रयागराज में माघ मेले की भी जानकारी दे सकते हैं. सूत्रों की मानें सीएम, विकास परियोजनाओं को लेकर भी पीएम से चर्चा कर सकते हैं.

आइए हम आपको बताते हैं कि किन मुद्दों पर आखिरी मुहर लग सकती है.

1- बीजेपी संगठन में फेरबदल

बीते साल 14 दिसंबर को यूपी बीजेपी को बतौर पंकज चौधरी नया अध्यक्ष मिला. अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद लखनऊ में कोर ग्रुप की मीटिंग हुई जिसमें संगठन से सरकार तक के विस्तार पर चर्चा हुई. बैठक के बाद चौधरी दिल्ली आए और यहां उच्चस्तरीय बैठक की. माना जा रहा है कि लखनऊ में हुई चर्चा की जानकारी चौधरी ने बीजेपी आलाकमान को दी. लखनऊ में बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक में यह चर्चा हुई थी कि कुछ नेताओं को संगठन से सरकार और कुछ को सरकार से संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है.

2-सरकार में किसकी एंट्री?

माना जा रहा है कि दिल्ली में सीएम योगी और बीजेपी आलाकमान की बैठक के दौरान सरकार विस्तार के दौरान किसको कैबिनेट में शामिल किया जाए, इस पर चर्चा हो सकती है. बीते वर्ष ही यह खबर आई थी कि योगी सरकार अगले वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में जाने से पहले मंत्रीमंडल के जातीय समीकरण को फिट करना चाहती है. ऐसे में साध्वी निरंजन ज्योति, पूर्व यूपी बीजेपी चीफ चौधरी भूपेंद्र सिंह समेत कई चेहरों को सरकार में शामिल कराया जा सकता है. चर्चा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह को भी योगी कैबिनेट में शामिल कराया जा सकता है. इसके साथ ही राज्य सरकार में सहयोगी दलों- सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, निषाद पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल के कोटे से भी 1-1 विधायक या नेता को मंत्रीमंडल में शामिल कराने की चर्चा है.

3- सपा के बागियों पर क्या फैसला?

सूत्रों की मानें तो मंत्रीमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल मकर संक्रांति के बाद कभी भी हो सकता है. ऐसे में चर्चा है कि बीजेपी, समाजवादी पार्टी के बागियों – पूजा पाल,अभय सिंह, राकेश सिंह, मनोज पांडेय में से किसी को सरकार में एंट्री दे सकती है. बीते वर्ष दिसंबर में यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान सीएम योगी ने खुद पूजा पाल का जिक्र करते हुए विधानसभा में सपा पर सियासी हमला किया था. यूपी में सियासी घटनाक्रम से वाकिफ जानकारों की मानें तो सपा के बागियों को अपनी सरकार में एंट्री देकर बीजेपी एक ओर जहां जातीय समीकरण फिट करेगी तो वहीं जनता में यह संदेश भी देने की कोशिश करेगी कि सपा ने जिन अपनों के साथ अन्याय किया, उनके साथ बीजेपी है.

4-एसआईआर पर भी चर्चा?

सीएम योगी ऐसे वक्त में दिल्ली में हैं जब भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को ड्राफ्ट रोल के अंतिम स्वरूप दे रहा है. बीते ही दिनों राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि यूपी में एसआईआर के बाद 6 जनवरी को यूपी का ड्राफ्ट रोल यानी मतदाता सूची की मसौदा जारी होगा. इस सूची के बाद 6 फरवरी तक आपत्तियां दाखिल की जा सकतीं हैं. माना जा रहा है कि सीएम योगी और हाईकमान के बीच एसआईआर पर भी चर्चा हो सकती है. दीगर है कि यूपी में जारी एसआईआर के बीच सीएम योगी ने संगठन की एक बैठक में स्पष्ट किया था कि जिन विधायकों के क्षेत्र में एसआईआर की प्रक्रिया ठीक से नहीं हुई है, वर्ष 2027 में प्रस्तावित चुनाव में उनके टिकट पर संकट हैं.

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