
देहरादून। बड़ोवाला में बैंक कर्मचारी सत्यम कुमार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पटेलनगर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले की मुख्य साजिशकर्ता, पीड़ित की पूर्व प्रेमिका और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रेम संबंध टूटने और सगाई की रंजिश के चलते पूर्व प्रेमिका ने ₹5 लाख की सुपारी देकर सत्यम की हत्या की साजिश रची थी। घटना को अंजाम देने वाला सुपारी किलर पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार हुआ, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
1. घटना का विवरण: ओवरटेक कर मारी गई थी गोली
यह वारदात 8 सितंबर की है, जब सत्यम कुमार अपनी फुफेरी बहन साक्षी चौहान के साथ स्कूटी से बड़ोवाला स्थित अपने घर लौट रहे थे। जिओ (Jio) पेट्रोल पंप से लगभग 200 मीटर आगे मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी स्कूटी को ओवरटेक कर रोक लिया और जान से मारने की नीयत से सत्यम पर गोलियाँ चला दीं।
गंभीर रूप से घायल सत्यम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बहन साक्षी की तहरीर पर पटेलनगर कोतवाली में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
2. पुलिस मुठभेड़ और सुपारी किलर की गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर गठित पुलिस और SOG की टीमों ने क्षेत्र के कई CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद ली। 11 सितंबर को बदमाशों के पुनः देहरादून आने की सटीक सूचना पर पुलिस ने गोरखपुर चौक पर चेकिंग शुरू की।
-
मुठभेड़: बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार संदिग्धों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो वे चाय बागान के जंगल की ओर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
-
जवाबी कार्रवाई: पुलिस की आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
-
बरामदगी: घायल बदमाश की पहचान लक्सर निवासी अंकित चौहान (25) के रूप में हुई। उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा, कारतूस और एक बाइक बरामद की गई। अंकित का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।
3. ₹5 लाख में तय हुआ था हत्या का सौदा
पूछताछ के दौरान आरोपी अंकित चौहान ने चौंकाने वाले खुलासे किए:
-
मध्यस्थता: रानीपुर निवासी मोहित के माध्यम से अंकित की मुलाकात मुख्य आरोपी मालिया रहमान से हुई थी।
-
अग्रिम भुगतान (Advance): सत्यम की हत्या के लिए 5 लाख रुपये तय हुए थे, जिसमें से ₹1,20,000 अग्रिम दे दिए गए थे और बाकी राशि काम पूरा होने के बाद दी जानी थी।
-
रेकी और हमला: मालिया ने सत्यम की फोटो और उसके देहरादून स्थित बैंक दफ्तर की लोकेशन मुहैया कराई थी। इसके बाद अंकित ने अपने साथी अंकुर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
4. साजिश की वजह: प्रेम संबंध, धोखा और रंजिश
पुलिस जांच के अनुसार, घटना के पीछे वर्षों पुराना प्रेम संबंध और निजी रंजिश मुख्य कारण बनी:
-
शुरुआत (2020): मालिया और सत्यम की मुलाकात वर्ष 2020 में हरिद्वार के उज्जीवन बैंक में काम करने के दौरान हुई थी, जहाँ से उनके बीच प्रेम संबंध शुरू हुए।
-
विवाह और अलगाव (2023): 2023 में पारिवारिक दबाव के कारण मालिया ने सहारनपुर में विवाह कर लिया, लेकिन सत्यम से संपर्क बना रहा। बाद में शादी टूटने पर वह अपने मायके में रहने लगी।
-
सगाई और दूरी (2026): वर्ष 2025 में सत्यम का स्थानांतरण देहरादून शाखा में हो गया। मालिया का आरोप है कि सत्यम शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन फरवरी 2026 में उसने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली और मालिया का फोन व सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक कर दिए।
-
प्रतिशोध: इस बात से आहत होकर मालिया ने सत्यम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
5. पुलिस की वर्तमान कार्रवाई
घटना के बाद बची हुई सुपारी की रकम देने देहरादून पहुँची मालिया रहमान और मोहित को पुलिस ने देर रात ISBT के पास से गिरफ्तार कर लिया।
वर्तमान में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी:
-
मालिया रहमान (मुख्य साजिशकर्ता – निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार)
-
मोहित (बिचौलिया – निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार)
-
अंकित चौहान (सुपारी किलर – निवासी लक्सर, हरिद्वार)
पुलिस की विशेष टीमें फरार चल रहे चौथे आरोपी अंकुर की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।



