उत्तराखंडराज्य

देहरादून में बजरंग दल का बड़ा प्रदर्शन, लैंड जिहाद और धर्मांतरण के विरोध में सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

देहरादून में रविवार को बजरंग दल की ओर से दर्शनलाल चौक पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड में कथित लैंड जिहाद, तेजी से बदलती जनसांख्यिकी और धर्मांतरण के मामलों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति की मौजूदगी के बीच संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

देवभूमि की पहचान बदलने का लगाया आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के क्षेत्र संयोजक Anuj Walia ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में विशेष रूप से पछवादून क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ भूमाफिया बाहरी लोगों, विशेषकर बांग्लादेशी और एक विशेष समुदाय के लोगों को बसाने का काम कर रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।

प्रशासन पर अनदेखी का आरोप

अनुज वालिया ने बताया कि बजरंग दल ने करीब तीन महीने पहले इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की निष्क्रियता से ऐसा प्रतीत होता है कि शासन-प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

संगठन ने कहा कि यदि आने वाले समय में भी स्थिति नहीं बदली, तो 15 जून 2026 से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत जिला अधिकारी कार्यालयों के बाहर धरना और अनशन जैसे कार्यक्रम भी किए जाएंगे।

लव जिहाद और धर्मांतरण के मामलों पर जताई चिंता

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कथित लव जिहाद और धर्मांतरण के मामलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। बजरंग दल नेताओं का कहना था कि पहचान छिपाकर और नाम बदलकर युवतियों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि देवभूमि में किसी भी प्रकार के अवैध धर्मांतरण और सांस्कृतिक बदलाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सरकार पर साधा निशाना

बजरंग दल के विभाग संयोजक Ashu Joshi ने कहा कि जब तक संगठन का एक भी कार्यकर्ता मौजूद है, तब तक देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। वहीं विभाग मंत्री Alok Sinha ने आरोप लगाया कि सरकार को इस पूरे मुद्दे की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में बजरंग दल और विभिन्न हिंदू संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष जोशी, विकास वर्मा, डॉ. माधव मैठाणी, कुलदीप सैनी, श्याम शर्मा, विशाल चौधरी, रमेश डोंडियाल, रवींद्र पाल, शेखर बंसल, कमल बिजलवान, आशीष बलूनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने भाग लिया।

आगामी आंदोलन की तैयारी

संगठन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। बजरंग दल का कहना है कि वह राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा।

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