उत्तराखंडराज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चम्पावत दौरा: आस्था, संवाद और विकास का संगम

चम्पावत जनपद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के पश्चात उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लिया और क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सुना।

ग्राम स्तर पर जनसंवाद और कलश यात्रा में सहभागिता

मुख्यमंत्री ने ग्राम रियासी, बमनगाँव और तोक-खेत में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों में भी प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने रणकोची धाम में आयोजित भव्य कलश यात्रा में शामिल होकर विधिवत पूजा-अर्चना की, जिससे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का भी सशक्त संदेश गया।

संस्कृति संवर्धन पहल से परंपराओं को नई पहचान

“संस्कृति संवर्धन पहल” के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की। इस किट में वाद्य यंत्र, धार्मिक ग्रंथ, पूजा सामग्री और अन्य सांस्कृतिक संसाधन शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह पहल नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को मजबूती देने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

₹17014.89 लाख की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

माता रणकोची मंदिर परिसर से मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में कुल ₹17014.89 लाख की लागत से 20 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

लोकार्पित योजनाएँ: आधारभूत ढांचे को नई मजबूती

₹3395.05 लाख की लागत से 9 योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनमें घटोत्कच मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, लोहाघाट रामलीला मैदान के समीप सांस्कृतिक मंच निर्माण, सैनिक विश्राम गृह टनकपुर, पूर्णागिरी धाम टुन्यास एवं रीठा साहिब में पार्किंग निर्माण तथा विभिन्न मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण और सुधारीकरण शामिल है।

शिलान्यासित योजनाएँ: विकास की नई दिशा

₹13619.84 लाख की लागत से 11 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें बिरगुल से कैन्यूडा तक ग्रामीण मोटर मार्ग, रमैला से बालेश्वर मोटर मार्ग, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, सरयू तट पर ग्लेम्पिंग साइट, पूर्णागिरी तहसील राजस्व भवन, टनकपुर में नवीन राज्य अतिथि गृह, पुल निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में आंतरिक सड़कों का सुधार तथा रणकोची मंदिर का पर्यटन दृष्टि से पुनर्निर्माण कार्य प्रमुख हैं।

लाभार्थियों को सहायता और सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री वितरित की गई। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत प्रमाण-पत्र, श्रम विभाग की टूल किट, स्वयं सहायता समूहों को सम्मान, पशु कल्याण विभाग के डमी चेक तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्रदान की गईं।

चम्पावत के विकास के लिए सात अहम घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के समग्र विकास हेतु सात महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें सीम, खेत, चूका और सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पूर्णागिरी मेला 2026 के लिए ₹2.5 करोड़ की धनराशि, प्रमुख मोटर मार्गों का डामरीकरण, जिला चिकित्सालय की क्रिटिकल यूनिट में सुविधाओं का विस्तार, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना तथा चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि उपलब्ध कराना शामिल है।

आस्था, संस्कृति और विकास से आत्मनिर्भर चम्पावत का संकल्प

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से परिपूर्ण भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि जनसंवाद के माध्यम से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयासों से चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा।

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