उत्तराखंडराज्य

CENSUS 2027: उत्तराखंड में गवर्नर ने किया स्वगणना का शुभारंभ, आप रखें इन बातों का ध्यान

देहरादून। प्रदेश में जनगणना के तहत पहले चरण में स्वगणना का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया है। आधिकारिक रूप से इसकी शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) लोकभवन में की।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार शाम पांच बजे स्वगणना करेंगे। आमजन के लिए यह पोर्टल गुरुवार रात 12 बजे से खुल गया है। कोई भी भवन स्वामी विभाग की वेबसाइट se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वगणना कर सकता है।

पहले चरण में मकानों का सूचीकरण

प्रदेश में जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण में मकानों के सूचीकरण व गणना में पहली बार स्वगणना का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया है। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। यानी भवन स्वामी मोबाइल, लैपटाप अथवा कंप्यूटर के माध्यम से इसकी गणना कर सकते हैं।

इसके लिए उन्हें वेबसाइट पर दिए गए 33 प्रश्नों का जवाब देना होगा। इसमें उन्हें उत्तर के विकल्प भी दिए जाएंगे। भवन स्वामी को इस प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। विशेष रूप से परिवार के मुखिया का नाम और भाषा का चयन अत्यंत सोच-समझकर करें।

एक बार इन विकल्पों को दर्ज करने के बाद इनमें संशोधन का प्रविधान नहीं होगा। यह भी ध्यान देना होगा कि स्वगणना का कार्य घर पर ही करें। कारण यह कि इसमें आपको अपने भवन को जियो टैगिंग के माध्यम से चिह्नित भी किया जाना है।

यह भी ध्यान देना होगा कि एक भवन की गणना में एक ही मोबाइल नंबर मान्य होगा। स्वगणना का यह कार्य 24 अप्रैल की रात 12 बजे समाप्त हो जाएगा। 25 अप्रैल से जनगणना कार्मिक यानी प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण व गणना शामिल करेंगे।

इन बातों का रखें ध्यान

  • एक भवन के लिए एक ही मोबाइल नंबर का करें प्रयोग
  • परिवार के मुखिया का नाम व भाषा चयन में बरतें सावधानी
  • घर से ही भरें स्वगणना का फार्म, जियो टैगिंग के लिए जरूरी
  • फार्म भरने से पहले पूरी तरह कर लें इसका परीक्षण
  • फार्म को जमा करने से पहले किए जा सकते हैं बदलाव
  • फार्म को जमा करने के बाद के बाद नहीं होगा बदलाव
  • संभाल कर रखें एसई आइडी, प्रगणक के मांगने पर ही उसे दें।

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