
सितारगंज में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के गंभीर मामले में वांछित आरोपी को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु के कोयम्बटूर से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश के बाद संभव हो सकी।
फरार आरोपी की पहचान
कोतवाली प्रभारी सुंदरम शर्मा के अनुसार आरोपी की पहचान गोपाल भट्टाचार्य पुत्र सुब्रत भट्टाचार्य, निवासी टैगोरनगर नंबर-04, शक्तिफार्म के रूप में हुई है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहा था।
गैर-जमानती वारंट के बाद तेज हुई कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में 19 फरवरी को मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी।
सर्विलांस के जरिए मिली सफलता
पुलिस की गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके आधार पर 10 अप्रैल को उसे अलंदुरई क्षेत्र, कोयम्बटूर (तमिलनाडु) से गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
गिरफ्तारी टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक कैलाश देव और बबीता की टीम शामिल रही, जिन्होंने आरोपी को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
निष्कर्ष
यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी का परिणाम है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल है।



