उत्तराखंडराज्य

रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की रजत जयंती समारोह में राज्यपाल का भव्य स्वागत

बाजपुर। महामहिम राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर विद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। राज्यपाल के स्वागत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

राज्यपाल का अभिभाषण: शिक्षा, अनुशासन और प्रेरणा

अपने सम्बोधन में महामहिम ने कहा कि हिमालय की तलहटी में स्थित इस पवित्र शिक्षा संस्थान में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और पूरे विद्यालय परिवार को रजत जयंती की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की 25 वर्ष की यात्रा समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्टता से भरी प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उत्सव हमें अपने वर्तमान का मूल्यांकन करने, अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है।

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियाँ: मेहनत और कला का संगम

महामहिम ने बच्चों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नर्सरी के बच्चों की मासूम प्रस्तुति, एलकेजी की रैटल ड्रिल, यूकेजी के पोम-पोम शो, बटरफ्लाई डांस, चाइनीज डांस, हॉकी और फ्लावर ड्रिल, जिम्नास्टिक प्रदर्शन—all बच्चों की मेहनत, अनुशासन और कला के प्रति प्रेम की झलक हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तुतियों ने उन्हें अपने स्कूली दिनों की यादें ताजा कर दीं और अनुशासन, समय का सम्मान और लक्ष्य के प्रति समर्पण के महत्व को रेखांकित किया।

शिक्षा के मूल्य और नेतृत्व की भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सफलता आकस्मिक नहीं होती, बल्कि अनुशासन, समय के सदुपयोग और लगातार प्रयास का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, सम्मान और करुणा जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम होनी चाहिए। स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और कठिनाइयों को सफलता की सीढ़ी मानकर आगे बढ़ना जीवन की सच्ची सफलता की कुंजी है।

आधुनिक शिक्षा और प्रौद्योगिकी में अग्रणी भूमिका

महामहिम ने कहा कि आज का युग तकनीक और नवाचार का युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल कौशल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नए विचारों का स्वागत करें, प्रयोग करें, सीखें और आगे बढ़ें। रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल इस दृष्टि से न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि भविष्य की प्रयोगशाला भी है, जिसमें आधुनिक सुविधाएं जैसे सौर ऊर्जा संचालित परिसर, स्विमिंग पूल, ट्रैफिक पार्क, एनसीसी इकाई, रोबोटिक्स लैब और वनस्पति उद्यान शामिल हैं।

शिक्षकों और प्रबंधन का योगदान

राज्यपाल ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान के वाहक नहीं, बल्कि राष्ट्र के निर्माता हैं। उनका शब्द, व्यवहार और प्रेरणा विद्यार्थियों के जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बदलते समय के अनुसार नई तकनीक और पद्धतियों का उपयोग करना, छात्रों के साथ मित्रवत संबंध बनाना और अंकों से आगे बढ़कर समग्र विकास पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रप्रेम और समाज के प्रति जिम्मेदारी

महामहिम ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि उनके सपनों का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की उन्नति भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अमृतकाल की सशक्त पीढ़ी हैं, जो अपने ज्ञान, तकनीकी दक्षता, नैतिक मूल्यों और संकल्प से भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना सकती है।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य परमीन कौर, अध्यक्ष हरमींदर सिंह बरार, सचिव जेपी सिधू, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, हरेन्द्र सिंह लाडी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, अभय प्रताप सिंह सहित अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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