
देहरादून स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति वंदन टाउन हॉल सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम
कार्यक्रम में उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के राजनीतिक इतिहास में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करेगा और एक सशक्त एवं समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस कानून से महिलाओं को राजनीति और समाज में नई पहचान और अवसर प्राप्त होंगे।
केंद्र सरकार ने बताया परिवर्तनकारी पहल
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और सशक्त भागीदारी प्रदान करने वाला एक परिवर्तनकारी प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह देश की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को नई दिशा देने में सहायक होगा।
महिलाओं से जनआंदोलन बनाने का आह्वान
रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस पहल को जनआंदोलन का रूप दें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम में कई गणमान्य महिलाएं रहीं मौजूद
इस सम्मेलन में विधायक सविता कपूर, दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुलेखा डंगवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य गीता जैन, कार्यक्रम संचालक दीप्ति रावत और रुचि भट्ट सहित अनेक प्रतिष्ठित महिलाएं उपस्थित रहीं।



