
देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो और ड्रीमर्स एड्यु हब के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ किया और युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
युवाओं को बताया राष्ट्र निर्माण की असली ताकत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला और सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से “नेशन फर्स्ट” की भावना को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है।
रेडियो आज भी प्रभावी जनसंचार माध्यम
मुख्यमंत्री धामी ने रेडियो के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद रेडियो आज भी एक सशक्त और विश्वसनीय जनसंचार माध्यम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इसने रेडियो को फिर से लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि ओहो रेडियो उत्तराखंड में इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
युवाओं से जॉब क्रिएटर बनने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा दी जाए तो भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले “जॉब क्रिएटर” बनें।
स्वामी विवेकानंद के विचारों से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प ही सफलता की कुंजी है।
सरकार की योजनाएं और कौशल विकास पर जोर
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को “फ्यूचर रेडी” बनाना आवश्यक है। राज्य सरकार कौशल विकास, स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिला बढ़ावा
उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” जैसी पहलें इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सीडीएस उत्तीर्ण युवाओं को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए उन्हें देश का भावी प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश सेवा के लिए समर्पित रहना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के समर्पण, नवाचार और संकल्प के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर अभिनेता राकेश बेदी, मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



