
रुद्रपुर। नशा पीड़ितों के पुनर्वास और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की रोकथाम के उद्देश्य से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को एक बड़े निरीक्षण अभियान को अंजाम दिया। इस दौरान आयरक्षा नशा मुक्ति एवं जनसेवा ट्रस्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने किया औचक निरीक्षण
निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उधम सिंह नगर की सचिव ममता पंत, तहसीलदार दिनेश कुटोला और ड्रग इंस्पेक्टर शुभम कोटनाला शामिल रहे। टीम ने डॉक्टर्स कॉलोनी स्थित केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की।
लाइसेंस नवीनीकरण के दस्तावेज नहीं मिले
जांच के दौरान सामने आया कि केंद्र को उत्तराखंड राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 30 नवंबर 2023 को एक वर्ष के लिए अस्थायी पंजीकरण दिया गया था। हालांकि 29 नवंबर 2024 के बाद लाइसेंस के नवीनीकरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज केंद्र प्रबंधन प्रस्तुत नहीं कर पाया।
भवन और रहने की व्यवस्था पर उठे सवाल
निरीक्षण टीम ने पाया कि केंद्र तीन मंजिला भवन में संचालित हो रहा था, जहां एक हिस्से में पेइंग गेस्ट (PG) सुविधा भी चलाई जा रही थी। इसके अलावा मरीजों के रहने के लिए केवल एक बड़ा हॉल और दो छोटे कमरे उपलब्ध थे, जबकि वहां 48 लोगों को रखा गया था। अधिकारियों ने इसे मानकों के अनुरूप नहीं माना।
कमरों में वेंटिलेशन की भी कमी
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि केंद्र के अधिकांश कमरे पर्याप्त रूप से हवादार नहीं थे। अधिकारियों ने खराब व्यवस्थाओं और सीमित जगह को लेकर चिंता जताई और इसे स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही बताया।
रसोई से मिला एक्सपायरी डेट वाला सामान
केंद्र की रसोई की जांच के दौरान एक्सपायरी डेट वाला नमक का पैकेट भी बरामद किया गया। तहसीलदार दिनेश कुटोला ने उक्त सामग्री को जब्त कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू करने की बात कही।
आगे की कार्रवाई की तैयारी
निरीक्षण में मिली अनियमितताओं के बाद संबंधित विभागों द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति केंद्रों में रह रहे लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।



