
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजधानी स्थित सचिवालय में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान उत्तराखंड सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की आधिकारिक शपथ दिलाई। इस गौरवमयी अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल कार्यकाल के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संभाली कमान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनकर आए संघ के शीर्ष नेतृत्व को पद की शपथ दिलाई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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अध्यक्ष: दीपक जोशी
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उपाध्यक्ष: राकेश जोशी, संजय कुमार शर्मा एवं प्रमिला टम्टा
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महासचिव: राजेंद्र रतूड़ी
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सचिव: अतुल कुमार सिंह
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संयुक्त सचिव: दिव्यांशु डोभाल और सुरेंद्र सिंह रावत
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संप्रेक्षक: रीना मखनवाल
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कोषाध्यक्ष: रमेश सिंह बर्त्वाल
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प्रचार सचिव: दीपक बिष्ट
‘शासन व्यवस्था की आत्मा है सचिवालय’
शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बेहद महत्वपूर्ण और मर्मस्पर्शी बात कही। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तराखंड सचिवालय महज ईंट-पत्थरों से बना एक प्रशासनिक भवन नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रदेश की संपूर्ण शासन व्यवस्था की आत्मा और जन-विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र है। राज्य के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा, जन-कल्याणकारी नीतियों का निर्माण और योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा यहीं से तय होती है।
विकसित उत्तराखंड के निर्माण में कर्मचारियों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी सचिवालय परिवार की है।
“सचिवालय के कर्मचारी शासन और आम जनता के बीच एक अटूट और मजबूत सेतु (पुल) की तरह कार्य करते हैं। आपकी कार्यकुशलता, निष्ठा और समर्पण ही वह माध्यम है, जिससे सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ आम जनमानस तक पहुंच पाता है।”
सुशासन की सबसे बड़ी ताकत: संतुष्ट कर्मचारी तंत्र
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच एक स्वस्थ और नियमित संवाद होना जरूरी है ताकि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। जब शासन और कर्मचारी एक मजबूत टीम भावना के साथ मिलकर कदम आगे बढ़ाते हैं, तो विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिलती है।
ई-गवर्नेंस और सरलीकरण पर विशेष जोर
राज्य को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, ई-गवर्नेंस के सुदृढ़ीकरण और तकनीक आधारित सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसका एकमात्र उद्देश्य आम नागरिकों को बिना किसी परेशानी के समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित कराना है।
“विकल्प रहित संकल्प” को साकार करने का आह्वान
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड सचिवालय अपनी उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, आपसी समन्वय और सकारात्मक दृष्टिकोण के बल पर सुशासन की एक नई मिसाल पेश करेगा। उन्होंने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से अपेक्षा की कि वे सेवा, संवेदनशीलता और संपूर्ण समर्पण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को समय पर सिद्ध किया जा सके। इस गरिमामयी कार्यक्रम में शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित सचिवालय संघ के तमाम कर्मचारी और पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



