उत्तराखंडराज्य

यूपीसीएल की आरडीएसएस परियोजनाओं की समीक्षा, नवंबर 2026 तक पूरा होगा ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर का भूमिगतकरण कार्य

देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने रविवार को केंद्र पोषित आरडीएसएस योजना के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मैराथन बैठक में आईटी/ओटी, स्काडा, ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की सीमा चौकियों और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत गांवों के विद्युतीकरण सहित प्रदेश के सभी 14 विद्युत वितरण मंडलों में चल रहे प्रणाली सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।

आईटी/ओटी बिलिंग मॉड्यूल को यूजर फ्रेंडली बनाने के निर्देश

आईटी/ओटी बिलिंग परियोजना की समीक्षा के दौरान प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने सॉफ्टवेयर मॉड्यूल को अधिक यूजर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मॉड्यूल तैयार करते समय क्षेत्रीय स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के सुझावों को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने फील्ड में कार्यरत यूजर्स को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही यूपीसीएल की अपनी तकनीकी टीम तैयार करने और परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने को कहा।

नवंबर 2026 तक पूरा होगा विद्युत लाइनों का भूमिगतकरण

बैठक में ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण से जुड़े सभी सात पैकेजों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए नवंबर 2026 तक सभी कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं।

उन्होंने जीटीपी अनुमोदन, सामग्री निरीक्षण और डीआई सहित सभी विभागीय प्रक्रियाओं को मिशन मोड में समय पर पूरा करने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

स्काडा परियोजना में देरी पर जताई नाराजगी

ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में चल रही स्काडा परियोजना की समीक्षा के दौरान लंबित कार्यों पर प्रबंध निदेशक ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था को परियोजना के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

ध्यानी ने स्पष्ट किया कि यदि कार्य में लापरवाही जारी रहती है तो संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया जाए। इसके अलावा फैक्ट्री इंस्पेक्शन टेस्ट (एफआईटी) से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और फैक्ट्री निरीक्षण की प्रक्रिया अगस्त में ही पूरी करने के निर्देश दिए गए। स्काडा परियोजना को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लॉस रिडक्शन कार्यों को सितंबर तक 100 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य

बैठक में बिजली वितरण प्रणाली में लॉस रिडक्शन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में इन कार्यों की भौतिक प्रगति करीब 63 प्रतिशत बताई गई। समीक्षा के दौरान सितंबर 2026 तक इसे 100 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया।

प्रबंध निदेशक ने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंताओं को भी संबंधित संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने को कहा गया।

परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश

पीसी ध्यानी ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरडीएसएस के तहत मिलने वाली अनुदान राशि का किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होना चाहिए।

बैठक में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सीमा चौकियों के विद्युतीकरण तथा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत गांवों में बिजली पहुंचाने से संबंधित कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। प्रबंध निदेशक ने इन परियोजनाओं को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।

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