
रुद्रपुर में आगामी मानसून सीजन के मद्देनज़र जनपद स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं और जोखिमों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
पिछली आपदाओं के अनुभवों पर आधारित प्रस्तुति
बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी द्वारा पीपीटी के माध्यम से पिछले वर्ष आई आपदाओं और उनसे मिले अनुभवों की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके आधार पर आगामी मानसून के लिए तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
नगर निकायों के सफाई कार्यों की सराहना
अपर जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नगर निकायों द्वारा किए गए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सफाई कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते जनपद में जलभराव की समस्या में काफी हद तक कमी आई है। साथ ही निर्देश दिए कि वर्ष 2026 में इन कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए।
फसल क्षति और जलभराव पर विशेष निर्देश
कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि फसल क्षति से संबंधित सूचनाएं समय पर आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें शासन स्तर तक समयबद्ध रूप से भेजा जा सके। साथ ही सभी विभागों को मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पहले से पूरी तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और आश्रय स्थलों की तैयारी
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पूर्व वर्षों में जलभराव और बाढ़ की अधिक समस्या रही है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। संवेदनशील स्थलों की पहचान समय रहते पूरी की जाए और पंचायत भवन, विद्यालय, राधा स्वामी सत्संग भवन तथा सामुदायिक भवनों को आश्रय स्थलों के रूप में तैयार रखा जाए। इन स्थानों पर बिजली, पानी, शौचालय और स्वच्छता की व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
नालों की सफाई और संयुक्त निरीक्षण के निर्देश
यदि किसी नदी, नाले या नहर में ड्रेजिंग अथवा मलबा हटाने की आवश्यकता हो तो संबंधित उप जिलाधिकारी को सिंचाई, लोक निर्माण विभाग और निकाय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को नियमित फॉगिंग और छिड़काव कार्य जारी रखने को कहा गया।
बुनियादी ढांचे और आपदा उपकरणों की जांच
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को सड़कों, पुलों और पुलियों के नीचे जमा मलबे की समय पर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ को आपदा उपकरणों का भौतिक परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को सौंपने को कहा गया।
समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर
सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया कि नदी चैनलाइजेशन, नालों और नालियों की सफाई का कार्य 15 जून से पहले हर हाल में पूरा किया जाए। विद्युत विभाग को विद्युत लाइनों के पास पेड़ों की छंटाई, जर्जर पोलों के प्रतिस्थापन और ढीले तारों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
राहत सामग्री और आपूर्ति व्यवस्था की तैयारी
जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा के दौरान खाद्य सामग्री वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया और अन्य सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य प्रभावित न हों।
बैठक में अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, ओसी हिमांशु कफल्टिया, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, अधिशासी अभियंता सिंचाई बी.एस. डांगी, जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चन्द्र तिवारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी उप जिलाधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।



