
देहरादून। प्रदेश में भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े बढ़ते धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों को देखते हुए सचिव मुख्यमंत्री एवं कमिश्नर दीपक रावत ने नागरिकों को जमीन खरीदते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने चेताया कि जरा-सी लापरवाही से आर्थिक नुकसान और कानूनी झंझटों का सामना करना पड़ सकता है।
रावत ने भूमि खरीदते समय निम्न सावधानियों का पालन करने के निर्देश दिए—
-
भूमि का रिकॉर्ड राजस्व विभाग/भूलेख पोर्टल पर मिलान करें।
-
खतौनी, खसरा, नक्शा और स्वामित्व से जुड़े सभी दस्तावेज अधिकृत स्रोतों से सत्यापित कराएँ।
-
विक्रेता की पहचान और वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि करें।
-
सुनिश्चित करें कि भूमि पर कोई विवाद, न्यायालयीय रोक, ऋण, बंधक या कब्जा न हो।
-
किसी भी दलाल पर निर्भर न रहें और मूल दस्तावेज स्वयं देखें।
-
रजिस्ट्री से पहले भूमि की पैमाइश कराएँ और स्थल का मौका निरीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी दस्तावेज़ या लेन-देन में संदेह होने पर तुरंत तहसील, राजस्व विभाग या पुलिस से संपर्क करें और आवश्यकता पड़ने पर शिकायत दर्ज करें।
नागरिकों से आग्रह किया गया कि जल्दबाज़ी न करें और पूरी दस्तावेज़ी जांच के बाद ही खरीद-फरोख्त करें, जिससे भविष्य में आर्थिक और कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।



