
देहरादून। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने सोमवार को उप जिलाधिकारी अपूर्व सिंह के माध्यम से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर ऋषिकेश में गिरफ्तार योगेश डिमरी, सुदेश भट्ट और उनके अन्य साथियों की तत्काल रिहाई की मांग की। पार्टी ने इन गिरफ्तारियों को अन्यायपूर्ण बताते हुए राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई करार दिया।
प्रदेश अध्यक्ष का बयान
ज्ञापन सौंपते समय पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि समाजसेवी योगेश डिमरी जैसे लोग लंबे समय से अवैध गतिविधियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे लोगों को जेल में रखना राज्य के लिए शर्मनाक है। उन्होंने सरकार से वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की।
जिला अध्यक्ष और महामंत्री का दृष्टिकोण
जिला अध्यक्ष (सैनिक प्रकोष्ठ) भगवती प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि राष्ट्रवादी नागरिकों का दमन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि सरकार शीघ्र रिहाई नहीं करती, तो पार्टी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
वहीं जिला महामंत्री दयाराम मनौड़ी ने गिरफ्तारी को जनता की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि इससे न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वयं हस्तक्षेप कर रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी
इस अवसर पर सैनिक प्रकोष्ठ के भगवती प्रसाद नौटियाल, जिला महामंत्री हेमा कोटनाला, रजनी कुकरेती सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी की चेतावनी और मांग
पार्टी का कहना है कि गिरफ्तार व्यक्ति राज्य में अवैध शराब कारोबार और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। आरआरपी ने मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।



