हिमाचल विधानसभा : राजगढ़ में कूड़ा संयंत्र पर खर्च 25 लाख से अधिक

शिमला। शहरी विकास विभाग ने विधानसभा में जानकारी दी कि सिरमौर जिले के राजगढ़ में कूड़ा संयंत्र के निर्माण पर अब तक 25 लाख 10 हजार 967 रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें से 12.25 लाख रुपये की राशि ग्रामीण विकास विभाग से जुलाई 2024 में स्वीकृत हुई थी, जबकि शेष राशि नगर पंचायत ने अपने बजट से खर्च की है।
यह सवाल जिला सिरमौर के पच्छाद से भाजपा विधायक रीना कश्यप ने सदन में उठाया।
विभाग ने बताया कि संयंत्र के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति ली गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार स्थानीय निकायों को इस तरह के संयंत्र के लिए बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की आवश्यकता नहीं है। केवल सैनिटरी लैंडफिल बनाए जाने की स्थिति में अलग से पर्यावरणीय मंजूरी आवश्यक होती है।
सवाल में रीना कश्यप ने यह मुद्दा भी उठाया कि स्थानीय पंचायतें संयंत्र का विरोध कर रही हैं। इस पर सरकार ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय के आदेशों और नियमों के अंतर्गत आता है, इसलिए पंचायतों की आपत्तियां आदेशों और प्रावधानों से बाहर हैं।
सरकार के अनुसार राजगढ़ की आबादी 2011 की जनगणना में 3083 थी, जो अब लगभग 4500 आंकी जा रही है। नगर पंचायत क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 1.7 टन ठोस कचरा निकल रहा है। इस बढ़ते कचरे के निपटान के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की स्थापना आवश्यक है।
रीना कश्यप ने जताई चिंता
भाजपा विधायक रीना कश्यप ने कहा कि राजगढ़ क्षेत्र में कूड़ा संयंत्र को लेकर कई तरह की शंकाएं और स्थानीय आपत्तियां सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि लोगों की आशंकाओं को दूर करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस विषय पर स्पष्ट जानकारी दी जाए।



