हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों का टेंडर घोटाला!

विधायक लखनपाल के आरोप – मुख्यमंत्री तक जुड़ा धागा, अयोग्य कंपनियों को दिया ठेका, निष्पक्ष जांच की मांग
शिमला। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन हमीरपुर के डॉ. राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज में मशीनों की खरीद को लेकर बड़ा घोटाला उजागर हुआ। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने इस मामले को सदन में उठाते हुए कहा कि मशीनों की खरीद के टेंडर में करोड़ों रुपये का हेरफेर हुआ है और इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सीधी भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं।
टेंडर प्रक्रिया पर सवाल
लखनपाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए महंगी मशीनों की खरीद को लेकर विभाग ने टेंडर निकाले। इनमें तीन कंपनियों को पात्र घोषित कर ठेका दिया गया, जबकि ये कंपनियां तकनीकी मानकों पर खरा उतरने में असमर्थ थीं। इसके बावजूद इन्हें योग्य ठहराकर करोड़ों रुपये का ठेका दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला केवल “फेवरिट कंपनियों” को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है।
मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप संदिग्ध
विधायक ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में सवाल का जवाब स्वास्थ्य मंत्री को देना था, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू ने खुद बीच में दखल दिया। उन्होंने कहा – “मुख्यमंत्री का इस तरह हस्तक्षेप करना यह साबित करता है कि कहीं न कहीं वे खुद भी इस गड़बड़ी में शामिल हैं या फिर वे इस पूरी प्रक्रिया से भली-भांति वाकिफ हैं।”
निष्पक्ष जांच की मांग
लखनपाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान में इस तरह की धांधली न केवल सरकारी खजाने को चूना लगाती है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित करती है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे टेंडर घोटाले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों को सामने लाया जा सके और उन पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
विपक्ष का हमला तेज
सदन से बाहर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा विधायकों का कहना है कि सरकार पारदर्शिता की बात करती है लेकिन स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील सेवाओं में भी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हावी है।



