
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत होकर चकराता रोड स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन हनुमान मंदिर में शीश नवाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पहुँचकर पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ ‘संकटमोचन’ की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रभु हनुमान से उत्तराखंड की उन्नति, विकास और समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की।
हनुमान जी: साहस और निस्वार्थ सेवा के चिरंतन प्रतीक
पूजा के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान हनुमान मात्र एक देवता नहीं, बल्कि शक्ति, साहस, अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा के जीवंत प्रेरणा पुंज हैं। उनका संपूर्ण जीवन हमें सिखाता है कि कैसे समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
आध्यात्मिक ऊर्जा से नकारात्मकता का अंत
मुख्यमंत्री ने हनुमान उपासना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
-
संकटों का निवारण: बजरंगबली की आराधना से जीवन के समस्त भय और संकटों का नाश होता है।
-
सकारात्मक ऊर्जा: प्रभु की भक्ति व्यक्ति के भीतर साहस, असीम ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करती है।
-
मानसिक शांति: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भक्ति ही वह मार्ग है जो नकारात्मकता को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करती है।
सामाजिक एकता और सेवा का आह्वान
सीएम धामी ने प्रदेश की जनता से भगवान हनुमान के महान आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में समाज के भीतर एकता, परोपकार और परस्पर सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना अनिवार्य है। जब हम निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करेंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड का सपना पूर्ण होगा।
श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
मुख्यमंत्री के आगमन और मंदिर में हुई इस भव्य पूजा के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों में भारी उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और धर्मपरायणता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।



