
चम्पावत जिले के आदर्श विकास मॉडल को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण मांग को पूरा कर दिया है। पूर्णागिरि तहसील टनकपुर में मिनी विकास भवन/बार भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। लगभग ₹533.79 लाख की लागत से बनने वाला यह आधुनिक भवन जल्द ही निर्माणाधीन होगा और टनकपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा।
टनकपुर की आवश्यकता और नई दिशा
टनकपुर जिला का महत्वपूर्ण व्यापारिक, धार्मिक, परिवहन तथा सीमा से जुड़ा केंद्र है, जो अब प्रशासनिक रूप से भी और अधिक मजबूत होने जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी का लक्ष्य है कि नागरिकों को सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक बार-बार न जाना पड़े। इस मिनी विकास भवन के निर्माण से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए प्रमुख सेवाएँ उनके नजदीक ही उपलब्ध होंगी। पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं, सीमांत गाँवों के निवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों को इस सुविधा का बड़ा लाभ मिलेगा।
एकीकृत सेवाओं का केंद्र: आदर्श चम्पावत मॉडल
यह भवन आदर्श चम्पावत मॉडल के अंतर्गत एकीकृत सेवाओं का केंद्र होगा जहाँ एक ही परिसर में राजस्व, विकास, सामाजिक कल्याण, जन शिकायत निस्तारण तथा अन्य विभागों की सुविधाएँ मिलेंगी। इससे लोगों के समय, धन और श्रम की बचत होगी और शासन-प्रशासन के प्रति नागरिकों की सहभागिता और विश्वास दोनों मजबूत होंगे।
शारदा कॉरिडोर एवं क्षेत्रीय विकास में नई गति
मिनी विकास भवन शारदा कॉरिडोर परियोजना के संचालन, समन्वय और निगरानी का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे पर्यटन, धार्मिक यात्रा, स्थानीय व्यापार तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई दिशा और तेजी मिलेगी।
क्षेत्र को मिलने वाली नई पहचान
टनकपुर को आदर्श चम्पावत के सशक्त अवयव के रूप में विकसित करने की दिशा में यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे क्षेत्र को नई प्रशासनिक पहचान मिलेगी, विकास कार्य गति पकड़ेंगे, युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे और आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध सेवाएँ बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध हो सकेंगी।



