
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए 676 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
स्वीकृत धनराशि से प्रदेश में सोलर और एलईडी स्ट्रीट लाइट, पेयजल योजनाओं, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, उच्च शिक्षा संस्थानों, जिला पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित विकास कार्यों को गति मिलेगी।
सोलर और एलईडी स्ट्रीट लाइट योजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा नगर निगम क्षेत्र में 200 सोलर लाइटों की स्थापना के लिए 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
इसके साथ ही नगर पंचायत चमियाला में सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS) और एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 3.07 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वहीं, देहरादून और पिथौरागढ़ नगर निगम क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट एवं सीसीएमएस पैनल स्थापित करने के लिए 7.87 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है।
पेयजल और विद्युत व्यवस्था को मिलेगा विस्तार
नैनीताल जिले की कृष्णापुर पेयजल योजना के लिए 2.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके अलावा कुमाऊं मंडल में 33/11 केवी सब-स्टेशन, विद्युत लाइनों के निर्माण, यूजेवीएनएल की विभिन्न परियोजनाओं और केदारनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत विद्युत अवसंरचना के विकास के लिए 237 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मंजूर की गई है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बढ़ेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में विज्ञान संकाय के पीजी भवन निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
इससे महाविद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
जिला पंचायतों और शहरी निकायों को जारी होंगे करोड़ों रुपये
पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी जिला पंचायतों को द्वितीय त्रैमासिक किश्त के रूप में 82.21 करोड़ रुपये जारी करने की स्वीकृति दी है।
इसके साथ ही प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए 325.03 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने को मंजूरी प्रदान की गई है।
आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि इन स्वीकृतियों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। स्थानीय निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।



