
रामगढ़, मुक्तेश्वर, धानाचूली, मनाघेर, भीड़ापानी और हरिनगर सहित आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार देर शाम तक लगातार बर्फबारी होती रही। बर्फ गिरने से पूरा क्षेत्र सफेद चादर में तब्दील हो गया और मौसम में जबरदस्त ठंडक बढ़ गई। पहाड़ों पर बर्फबारी का यह नजारा लोगों के लिए जहां रोमांचक रहा, वहीं तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
किसानों के लिए राहत की सौगात बनी बर्फबारी
लगातार हुई बर्फबारी और झमाझम बारिश से क्षेत्र के काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बर्फबारी फलदार पौधों और खेती के लिए संजीवनी के समान है। लंबे समय से नमी की कमी झेल रही जमीन को इससे नई ताकत मिलेगी, जिससे आने वाले समय में फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।
चार महीने बाद मिली बारिश से खत्म हुआ सूखे का खतरा
पिछले करीब चार महीनों से बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति बन गई थी, जिसका सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ रहा था। अब बर्फबारी और बारिश से खेतों में नमी लौट आई है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। विशेष रूप से फल पट्टी के किसानों के लिए यह मौसम बेहद लाभकारी माना जा रहा है।
सड़कों पर यातायात बनाए रखने के लिए विभाग सतर्क
बर्फबारी के चलते लोक निर्माण विभाग ने धानाचूली, मनाघेर और भीड़ापानी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें तैनात कर बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता किरण बोरा के अनुसार शुक्रवार रात साढ़े सात बजे तक सभी प्रमुख मार्ग खुले रहे और विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।



