
देहरादून 30 अप्रैल। Dehradun में आयोजित आवास विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में निर्माण गतिविधियों को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता आवास सचिव Dr. R. Rajesh Kumar ने की।
मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी ऑनलाइन और पारदर्शी
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को RERA Portal India से जोड़ा जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, समयबद्ध और पारदर्शी हो जाएगी, जिससे लोगों को दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
रेरा पोर्टल के दायरे में आएंगी सभी परियोजनाएं
नियोजित क्षेत्रों के बाहर स्थित निर्माण परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को भी रेरा पोर्टल के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया है। सभी मानचित्र स्वीकृति प्राधिकरणों को इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।
भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर पुनर्विचार
बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में बढ़ोतरी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा दरों से आम जनता को कठिनाई हो रही है। इस पर सभी विकास प्राधिकरणों को एक सप्ताह के भीतर संशोधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि जनहित में उचित निर्णय लिया जा सके।
पंचायतों का नक्शा पास करने का अधिकार समाप्त
एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अधिसूचित क्षेत्रों में पंचायतों द्वारा नक्शा पास करने का अधिकार समाप्त कर दिया गया है। अब इन क्षेत्रों में केवल विकास प्राधिकरण ही मानचित्र स्वीकृति जारी करेंगे। इसके लिए पंचायती राज विभाग को सभी जिला पंचायतों को तत्काल निर्देश जारी करने को कहा गया है।
अवैध कॉलोनियों पर सख्त निगरानी
बैठक में यह भी तय किया गया कि अधिसूचित क्षेत्रों से बाहर विकसित हो रही कॉलोनियों पर रेरा के माध्यम से सख्त निगरानी रखी जाएगी। अवैध और अनियोजित निर्माण को रोकने के लिए रेरा और विकास प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम
राज्य में बढ़ते अवैध निर्माण को देखते हुए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्र एक कॉमन ड्राफ्ट तैयार करें, जिससे सभी प्राधिकरण एक समान नियमों के तहत प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
सरकार का उद्देश्य पारदर्शी और सरल व्यवस्था
बैठक के अंत में आवास सचिव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को नियमों के अनुरूप रखते हुए आम जनता को सरल, पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इन फैसलों का सकारात्मक असर आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों दोनों पर देखने को मिलेगा।



