हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश के गृह मामलों के विशेष सहायक खुदा बख्श का इस्तीफा

बांग्लादेश में खलबली मच गई है. मुहम्मद यूनुस के देश में एक बार फिर सियासी भूचाल आ गया है. अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस की कुर्सी अब दरकने लगी है. वजह है एक बड़ा इस्तीफा, जो देश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है. जी हां, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह महज इस्तीफा नहीं लग रहा, बल्कि यूनुस सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है. खुदा बख्श चौधरी ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था पर सवालों के बाद ही इस्तीफा दिया है. यह इस्तीफा इसलिए भी और अहम हो जाता है, क्योंकि बुधवार को ही ढाका में धमाका हुआ, जिसमें एक लोग की मौत हो गई.
दरअसल, मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी गृह मंत्रालय की देखरेख कर रहे थे और उनके पास राज्य मंत्री का पद था. कैबिनेट डिवीजन ने आधिकारिक गजट जारी कर इसकी पुष्टि की है. यूनुस सरकार ने बताया कि इस्तीफा तुरंत प्रभाव से स्वीकार हो गया है. यह खबर ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश में हिंसा और अशांति चरम पर है. बीते दिनों हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या हो गई. वहीं, उस्मान हादी को अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी. इसके बाद से ही बांग्लादेश हिंसा की आग में झुलस रहा है.
क्यों अहम है यह इस्तीफा?
खुदा बख्श चौधरी बांग्लादेश के पूर्व आईजीपी (इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) हैं. उन्होंने अंतरिम सरकार में गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाला था. लेकिन हाल ही में देश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे. इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या ने पूरे देश को हिला दिया है. हादी जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे. 12 दिसंबर को ढाका में हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. इस हत्या के बाद प्रोटेस्टर्स ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि हत्यारों को गिरफ्तार करो, वरना अनिश्चितकालीन विरोध होगा. अल्टीमेटम में खुदा बख्श चौधरी का नाम भी शामिल था, क्योंकि वे गृह मंत्रालय संभाल रहे थे.
क्यों जल रहा बांग्लादेश
उस्मान हादी की मौत से बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठी. लोग सड़कों पर उतर आए, मीडिया हाउस पर हमले हुए और भारत विरोधी भावनाएं बढ़ीं. अंतरिम सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह कानून-व्यवस्था कायम नहीं रख पा रही. गृह मंत्रालय के सेटअप पर दबाव बढ़ता जा रहा है. ढाका में अंतरिम कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा जोरों पर है. सूत्र कहते हैं कि यह इस्तीफा सिर्फ शुरुआत है, और ज्यादा बदलाव हो सकते हैं.
कैसे बांग्लादेश में भूचाल की है यह आहट?
यूनुस की अंतरिम सरकार पहले से ही दबाव में है. अगस्त 2024 में शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बनी यह सरकार अब चुनाव टालने के आरोपों से घिरी है. मई में यूनुस ने इस्तीफे की धमकी दी थी, लेकिन कैबिनेट मीटिंग के बाद वे बने रहे. अब खुदा बख्श का इस्तीफा यूनुस की कुर्सी को और कमजोर कर रहा है. विपक्ष कह रहा है कि सरकार असफल हो रही है. देश में आर्थिक संकट, हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है. अगर जल्दी चुनाव नहीं हुए, तो उथल-पुथल और बढ़ सकती है. यह इस्तीफा एक भूचाल की तरह है, क्योंकि गृह मंत्रालय कानून-व्यवस्था का केंद्र है. हादी की हत्या पर परिवार ने अंतरिम सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. दुनिया की नजरें बांग्लादेश पर हैं. क्या यूनुस यह संकट संभाल पाएंगे? या और इस्तीफे आएंगे? समय बताएगा.


