
देहरादून, 19 दिसंबर 2025: उत्तराखंड के महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा ने निदेशक गढ़वाल एवं कुमाऊँ मण्डल और प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक में प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीकी कर्मियों एवं अन्य कार्मिकों के लिए 1 जनवरी 2026 से आधार आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
महानिदेशक ने मरीजों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, प्रत्येक दिवस के अनुसार चादर बदलने और सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि चिकित्सालयों में मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी मरीज को आवश्यक होने पर ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से सत्यापन कर एसओपी के अनुसार रेफर किया जाएगा। इसके अलावा, चिकित्सकों के अवकाश के दौरान वैकल्पिक चिकित्सकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में डॉ. शिखा जंगपांगी (निदेशक), डॉ. प्रीति पंत (अपर निदेशक), डॉ. आनंद शुक्ला (संयुक्त निदेशक), डॉ. नरेश नपलच्याल, डॉ. अमलेश और डॉ. सुजाता सिंह (सहायक निदेशक) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



