उत्तराखंडराज्य

एमडीडीए का बड़ा एक्शन: डोईवाला में 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, ऋषिकेश में 3 निर्माण सील

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना नक्शा पास कराए किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ अपना शिकंजा कस दिया है। बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने डोईवाला क्षेत्र में करीब 25 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया, वहीं ऋषिकेश के विस्थापित क्षेत्र में तीन अवैध निर्माणों को सील कर दिया।

डोईवाला में चला बुलडोजर, अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

एमडीडीए की टीम ने पहली कार्रवाई डोईवाला तहसील के शेरगढ़ माजरीग्रांट क्षेत्र में की। यहाँ अवतार सिंह और प्रमोद पाल द्वारा लगभग 10 से 15 बीघा जमीन पर बिना अनुमति अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे टीम ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके बाद टीम ने फतेहपुर माजरीग्रांट का रुख किया, जहाँ मुकेश सकलानी द्वारा करीब 10 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

ऋषिकेश में तीन अवैध निर्माण सील

दूसरी ओर, ऋषिकेश के आमबाग (गली नंबर-दो) स्थित विस्थापित क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन कर बनाए जा रहे तीन भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुँचकर अमित भाटिया, राणा जी और पंकज सेठ द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माणों को सील कर दिया।

बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: एमडीडीए उपाध्यक्ष

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि शहर का सुनियोजित विकास प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के जरिए आम जनता को गुमराह करने वालों और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कोई भी भूखंड खरीदने से पहले उसके भू-उपयोग (land use) और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें।

जारी रहेगा ध्वस्तीकरण और सीलिंग का अभियान: सचिव

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से निर्माण कार्य शुरू करने या जमीन खरीदने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने का आग्रह किया।

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