
नई दिल्ली। स्मार्टफोन में कौन-सा ऐप यूजर के डेटा का कब और कैसे इस्तेमाल कर रहा है, इसकी जानकारी अब और आसान हो जाएगी। AI+ स्मार्टफोन ने Nxt Quantum OS 1.1 लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि इस नए ऑपरेटिंग सिस्टम से यूजर्स को अपने डेटा और प्राइवेसी पर पहले से ज्यादा स्पष्टता और नियंत्रण (कंट्रोल) मिलेगा। इस तकनीक का कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सोर्स कोड पूरी तरह भारत में ही सुरक्षित रखा जाएगा।
भरोसा ही तकनीक का असली भविष्य: माधव शेठ
Nxt Quantum Shift Technologies और AI+ स्मार्टफोन के CEO माधव शेठ ने बताया कि किसी भी तकनीक का भविष्य केवल उसकी क्षमताओं से नहीं, बल्कि उस पर लोगों के भरोसे से तय होता है।
भारतीय सर्वर्स पर प्रोसेस होगा 100% डेटा
कंपनी के मुताबिक, Nxt Quantum OS 1.1 के जरिए ऐप्स का 100% डेटा ट्रैफिक भारत में स्थित सर्वर्स से ही प्रोसेस किया जाएगा।
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स्वचालित सुरक्षा जांच: यह सिस्टम 1,000 से अधिक कनेक्शन्स और 172 अलग-अलग डेस्टिनेशन IP एड्रेस से जुड़े सोर्स रूल्स की ऑटोमैटिक जांच करेगा।
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डेटा की सीमाएं: अधिकांश डेटा ट्रैफिक और IP पिंग्स भारतीय नेटवर्क के भीतर ही रहेंगे। हालांकि, जरूरी गूगल कोर सर्विसेज के लिए सीमित डेटा ट्रैफिक कैलिफोर्निया और सिंगापुर तक जा सकता है।
Nxt प्राइवेसी डैशबोर्ड: एक जगह पूरी जानकारी
नए अपडेट के साथ Nxt Privacy Dashboard पेश किया गया है, जो यूजर्स को कई प्राइवेसी फीचर्स प्रदान करता है:
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एकमुश्त परमिशन्स कंट्रोल: यूजर्स एक ही जगह पर सभी ऐप्स की परमिशन्स देखकर उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक बदल या बंद कर सकते हैं।
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बैकग्राउंड ट्रैकिंग: डैशबोर्ड यह साफ दिखाएगा कि कौन-सा ऐप बैकग्राउंड में कब और फोन के किस फीचर (जैसे कैमरा, माइक या लोकेशन) को एक्सेस कर रहा है।
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प्राइवेसी अलर्ट: यदि कोई ऐप जरूरत से ज्यादा परमिशन्स का इस्तेमाल करता है, तो यूजर को तुरंत अलर्ट मिलेगा।
‘प्रोजेक्ट ओपन रिव्यू 2.0’ का हिस्सा
यह नया अपडेट कंपनी के Project Open Review 2.0 का भी हिस्सा है। इसके तहत रिव्यूअर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, पत्रकार और एथिकल हैकर्स को AI+ डिवाइसेस को खुद टेस्ट करने और सुरक्षा पर अपना निष्पक्ष फीडबैक देने का मौका मिलेगा।



