
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं और प्रदेश के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के प्रयास
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार न्यायिक प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अधिवक्ताओं ने विशेष रूप से न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार, अधिवक्ताओं के हितों की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए किए जा रहे कदमों की प्रशंसा की।
नई आपराधिक संहिताओं पर चर्चा
बैठक के दौरान नई आपराधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन संहिताओं के लागू होने से न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्वरित और जनोन्मुखी बनेगी।
अधिवक्ताओं की भूमिका और सरकार का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार न्यायिक अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर पहल कर रही है।
न्यायिक अधोसंरचना का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय परिसरों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, ई-कोर्ट प्रणाली को बढ़ावा देने और न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए बार भवनों का निर्माण, पुस्तकालयों का सुदृढ़ीकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
कानून व्यवस्था और आमजन के लिए न्याय
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने और आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अधिवक्ताओं और बार संगठनों से प्राप्त सुझावों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा और न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।



