
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न अवसरों पर शिलान्यास की गई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई।
समयबद्ध पूर्णता और लोकार्पण पर जोर
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की निरंतर निगरानी करते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, लेकिन जिनका अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है, उनका शीघ्र लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।
गतिमान परियोजनाओं के लिए प्रो-एक्टिव कदम
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में चल रही परियोजनाओं में समयसीमा के भीतर कार्य पूरा कराया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को प्रो-एक्टिव होकर काम करना होगा। साथ ही, एक से अधिक विभागों से जुड़ी परियोजनाओं में आपसी समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान कर कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
नियोजन विभाग और विशेष परियोजनाओं पर निर्देश
उन्होंने नियोजन विभाग को भी प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यासित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। इसके अलावा, एमडी यूजेवीएनएल को लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना के संबंध में केंद्रीय जल आयोग को शीघ्र डिजाइन और शेड्यूल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा सके।
परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न विभागों की कुल ₹22,015.76 करोड़ लागत की 91 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था। इनमें से 18 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिनमें 6 का लोकार्पण किया जा चुका है, जबकि 12 परियोजनाओं का लोकार्पण अभी शेष है। शेष 73 परियोजनाओं पर कार्य विभिन्न स्तरों पर जारी है, जिनमें से अधिकांश मार्च 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव नीतेश कुमार झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. एस.एन. पांडेय, युगल किशोर पंत, अपर सचिव विनीत कुमार, नवनीत पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



