उत्तराखंडराज्य

राज्य विकास की पूर्ण समीक्षा: हर ब्लॉक में बनेगा ‘आध्यात्मिक गांव’

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से राज्य में चल रहे विकास कार्यों, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी शीतकालीन यात्रा की तैयारियों का व्यापक मूल्यांकन किया। उन्होंने रजत जयंती कार्यक्रम की सफलता पर अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है।

आध्यात्मिक राजधानी के निर्माण की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक ब्लॉक में “आध्यात्मिक गांव” विकसित करने की घोषणा की। इन गांवों में योग, आयुर्वेद तथा ध्यान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे अध्यात्म आधारित पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

‘एक जिला–एक मेला’ योजना को नए आयाम
बैठक में मुख्यमंत्री ने “एक जिला–एक मेला” अभियान के अंतर्गत चयनित मेलों को राजकीय मेला घोषित करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार मेलों को आवश्यक संरक्षण, वित्तीय सहयोग और व्यापक प्रचार-प्रसार प्रदान करेगी जबकि स्थानीय आयोजक अपने पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।

सीमांत व पर्यटन क्षेत्रों में नया विकास मॉडल
मुख्यमंत्री ने सीमांत गांवों को वाइब्रेंट विलेज और प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही शीतकालीन चारधाम यात्रा की तैयारियों को तेजी देने, तथा जीएमवीएन और केएमवीएन द्वारा विशेष छूट पैकेज तैयार करने पर भी बल दिया।

स्वास्थ्य, स्वच्छता और नगरीय सौंदर्यीकरण पर फोकस
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन को मजबूत करने, स्थानीय जीआई टैग उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने, शहरों की सुंदरता, सफाई तथा उद्यानिकी के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

सड़क, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी सड़कों को पूरी तरह गड्ढा-मुक्त बनाने, प्रमुख शहरों में बढ़ते ट्रैफिक जाम का ठोस समाधान तैयार करने, सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा नशा नियंत्रण के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।

स्थायी निवासी प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने पिछले तीन वर्षों में जारी स्थायी निवासी प्रमाण पत्रों की व्यापक जांच करवाने के निर्देश दिए तथा गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने की बात कही।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार समेत अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

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