उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड रजत जयंती 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकास और जनभागीदारी की रणनीति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण की रजत जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनभागीदारी, आत्ममंथन और संकल्प का पर्व है। उन्होंने बताया कि आने वाले 25 वर्षों में समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण के लिए नया रोडमैप तैयार किया जाएगा।

रजत जयंती समारोह की रूपरेखा

मुख्यमंत्री ने शनिवार को बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि 1 से 11 नवंबर तक प्रदेशभर में रजत जयंती समारोह मनाया जा रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हो पाया था।

विधानसभा का विशेष सत्र और प्रमुख कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने बताया कि 3 और 4 नवंबर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें 3 नवंबर को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राज्य की जनता को संबोधित करेंगी। 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्गदर्शन देंगे।

रजतोत्सव का केंद्रबिंदु: संस्कृति, पर्यटन और युवाशक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखंडी और राज्य आंदोलनकारी रहेंगे। यह सरकारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से इसमें शामिल होने की अपील की।

सुशासन और विकास की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है। इसके साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून बनाकर शासन को मजबूत किया गया है।

आरक्षण और रोजगार: समाजिक न्याय की दिशा

उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

निवेश और बजट: आर्थिक विकास की गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है।

स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण

उन्होंने बताया कि 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, जबकि लखपति दीदी योजना से 1.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।

राज्य की अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना और प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है। केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन जैसे कार्य धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दे रहे हैं।

अवसंरचना और सीमांत क्षेत्रों का विकास

उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के विकास को गति देंगी। पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

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