
देहरादून में उत्तराखंड सरकार ने नदियों, जलस्रोतों और पारंपरिक धारा-नौलों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सचिवालय में जलागम सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में स्प्रिंग एंड रिवर रीजुवेनेशन अथॉरिटी (SARRA) की राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति (SLEC) की सातवीं बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नदी पुनर्जीवन, भू-जल संवर्धन और जल संरक्षण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई।
नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं को मिली गति
बैठक में बागेश्वर की गरुड़ गंगा और पौड़ी की पश्चिमी नयार नदी के विस्तृत परियोजना प्रस्ताव (DPR) प्रस्तुत किए गए।
- गरुड़ गंगा परियोजना: लगभग 12 करोड़ रुपये
- पश्चिमी नयार नदी परियोजना: लगभग 48 करोड़ रुपये
इन दोनों परियोजनाओं को राज्य स्तरीय स्वीकृति मिलने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कुल मिलाकर इनकी लागत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है।
‘एक जनपद–एक नदी’ योजना पर काम तेज
बैठक में बताया गया कि ‘एक जनपद–एक नदी’ योजना के तहत राज्य के सभी 13 जिलों में एक-एक प्रमुख नदी के वैज्ञानिक आधार पर पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है।
अब तक 13 नदियों के लिए 120 करोड़ रुपये से अधिक की DPR तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें कई परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है।
जल स्रोतों का डिजिटल मैपिंग और डेटाबेस
SARRA के भागीरथ ऐप के माध्यम से राज्य के 4,490 जलस्रोतों का GIS आधारित डिजिटल मानचित्रण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 5,775 जल संरचनाओं और स्रोतों का विस्तृत डेटाबेस भी तैयार किया गया है।
धारा-नौलों के संरक्षण पर विशेष ध्यान
पारंपरिक धारा-नौलों के संरक्षण पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया।
अब तक 697 धारा-नौलों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से पहले चरण में 54 ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व वाले धारा-नौलों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं।
भू-जल सुधार और वर्षा जल पुनर्भरण
हरिद्वार जिले में भू-जल स्तर सुधारने के लिए 49 आर्टिफिशियल रिचार्ज शाफ्ट स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 2.40 करोड़ रुपये है। इस योजना का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम पुनर्भरण सुनिश्चित करना है।
वर्तमान परियोजनाएं और समन्वय पर जोर
बैठक में बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में SARRA के तहत प्रदेशभर में 86 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
अंत में सभी विभागों से बेहतर समन्वय और जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस बैठक में परियोजना निदेशक जलागम हिमांशु खुराना, एसीईओ SARRA कहकशां नसीम, डिप्टी डायरेक्टर डी.एस. रावत, सीएफओ दीपक भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिलों के प्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।



