
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य में गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेते हुए आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।
गैस और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता का दावा
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में घरेलू और व्यावसायिक गैस सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी तरह की घबराहट में अनावश्यक खरीदारी न करें।
ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ने पर जोर
बैठक में वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने और वर्ष 2070 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा को लेकर विशेष तैयारी
पर्यटन और पूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया कि आगामी चारधाम यात्रा के दौरान गैस और ईंधन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अग्रिम योजना तैयार की जाए। साथ ही केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
मुख्य सचिव ने गैस, कच्चे तेल और उर्वरकों की कालाबाजारी तथा जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने पर जोर दिया गया।
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता के निर्देश
कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि यूरिया का अनावश्यक भंडारण न किया जाए और आधुनिक तकनीक जैसे एग्रीटेक और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से वास्तविक जरूरत के अनुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
पीएनजी पाइपलाइन और औद्योगिक विकास
जिलाधिकारियों को पीएनजी पाइपलाइन से संबंधित सभी अनुमतियां शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि उद्योगों में पाइपलाइन गैस के उपयोग को बढ़ावा मिल सके और ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी लाई जा सके।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को मिलेगा बढ़ावा
नगर निकायों में बायोगैस प्लांट, पीरूल ब्रिकेट, सोलर चूल्हे और सोलर कुकर को बढ़ावा देने की बात कही गई। इसके साथ ही सरकारी और निजी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया।
अफवाह प्रबंधन और जनजागरूकता
जनता तक सही जानकारी पहुंचाने और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियमित प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
प्रवासी नागरिकों के लिए सहायता व्यवस्था
खाड़ी देशों और मध्य-पूर्व में फंसे नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य स्तर पर विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि जिलों में भी नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
इस बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, एल एल फैनई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



