
हल्द्वानी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को गौलापार में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के लिए स्वीकृत भूमि का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल विश्वविद्यालय का सपना जल्द साकार होगा और यह प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
मंत्री ने बताया कि यह स्थान केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि वर्षों के संकल्प, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नई दिशा देगा और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।
विश्वविद्यालय की तैयारियां और आगामी योजनाएं
खेल मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय का एकेडमिक ब्लॉक और प्रशासनिक भवन लगभग तैयार हो चुके हैं और आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
खिलाड़ियों से मुलाकात और प्रशिक्षण शिविर
इस अवसर पर मंत्री ने सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के प्रशिक्षण शिविर का भी निरीक्षण किया और खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बालक और बालिका टीमें 1 अप्रैल से शुरू होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
जनगणना 2027 के मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
खेल मंत्री रेखा आर्या ने इससे पूर्व काठगोदाम सर्किट हाउस के सभागार में जनगणना 2027 के मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी का कार्य है, क्योंकि देश और प्रदेश की अधिकांश विकास योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य की आधारशिला सटीक जनगणना आंकड़े ही तैयार करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम के दौरान रविंद्र बाली, यशपाल आर्य, लता शाह, लीलावती जोशी, सुनील कुमार, राहुल यादव और गोविंद लटवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



