अंतर्राष्ट्रीय

तुमने हमारा एक पुल तबाह किया, अब आगे देखना तबाही, ईरान ने जारी कर दी आठ खास पुलों की हिट लिस्ट

ईरानी मीडिया ने शुक्रवार को मिडिल-ईस्ट के अहम पुलों की एक लिस्ट पब्लिश की है. ऐसा लग रहा था कि यह एक संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी थी, क्योंकि एक दिन पहले ही अमेरिका और इज़रायल के हमले में ईरान के करज का एक अहम पुल तबाह हो गया था.

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि पड़ोसी देशों के कई अहम पुल संभावित टार्गेट हो सकते हैं. यह संकेत उत्तरी ईरानी शहर में B1 पुल पर हुए दो हमलों के बाद दिया गया.

जिन ढांचों के नाम ईरान की इस लिस्ट में शामिल थे, उनमें कुवैत और बहरीन का एक-एक पुल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो और जॉर्डन के तीन पुल शामिल थे.

लिस्ट में कौन-कौन से पुल?

  • कुवैत में शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह समुद्री पुल.
  • सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला किंग फहद कॉज़वे पुल.
  • संयुक्त अरब अमीरात में शेख ज़ायेद पुल और शेख खलीफ़ा पुल.
  • जॉर्डन में किंग हुसैन पुल, दामिया पुल और अब्दौन पुल.

US और इज़रायली सेनाओं ने एक दिन पहले, अल्बोर्ज़ प्रांत में स्थित करज के B1 पुल पर दो हमले किए. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और पुल पूरी तरह से तबाह हो गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि हमलों के बाद पुल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया.

करीब एक हजार मीटर लंबा B1 पुल, ईरान के अहम मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है. इसे तेहरान और करज के बीच भीड़ कम करने और देश के उत्तरी क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए बनाया गया था.

पुल ढहाने के बाद ट्रंप का बयान!

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बड़ा मैसेज दिया और चेतावनी दी है कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, कोई समझौता कर लिया जाए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें दिखाया गया था कि उसी दिन पहले हुए एक हवाई हमले के बाद पुल में आग लग गई और उससे घना धुआं निकलने लगा.

US राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया है, अब इसका दोबारा इस्तेमाल कभी नहीं हो पाएगा. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है. अब वक्त आ गया है कि ईरान कोई समझौता कर ले, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और उस देश का कुछ भी न बचे जो अभी भी एक महान देश बन सकता है.”

ये घटनाक्रम 28 फरवरी को US-इज़रायल के संयुक्त हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सामने आए हैं. इस हमले में अब तक 1,340 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी शामिल हैं. इसके जवाब में, तेहरान ने इज़रायल के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जहां US सेना के ठिकाने मौजूद हैं.

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